राम, हनुमान और मंदिर... अमेरिका में राहुल गांधी के 'गुरु' सैम पित्रोदा अपने बयान पर घिरे, BJP ने उठाए सवाल
राहुल गांधी फिलहाल अमेरिका दौरे पर हैं, जहां वो अलग अलग थिंक टैंक और विश्वविद्यालयों के कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं। राहुल गांधी के दौरे की सैम पित्रोदा ही देखरेख कर रहे हैं, जो ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष हैं।

Rahul Gandhi US Visit: राहुल गांधी के 'मेंटर' सैम पित्रोदा ने संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) में एक कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद खड़ा कर दिया, जब उन्होंने भगवान राम, अयोध्या में बन रहे राम मंदिर और अन्य हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ टिप्पणी की।
राहुल गांधी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, सैम पित्रोदा ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर विकास और अर्थव्यवस्था से संबंधित मुद्दों की उपेक्षा करते हुए धार्मिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया है।
सैम पित्रोदा ने अपने भाषण के दौरान कहा, कि "हमें बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य की समस्या है। लेकिन इन बातों पर कोई बात नहीं करता। हर कोई राम, हनुमान, मंदिर की बात करता है।"
उन्होंने कहा, "मैंने कहा है कि मंदिर रोजगार उत्पन्न नहीं करने जा रहे हैं।"
बीजेपी ने राहुल गांधी को घेरा
सैम पित्रोदा का विवादित बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अमेरिका दौरे के दौरान आया है और बीजेपी ने राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
बीजेपी सोशल मीडिया के प्रमुख, अमित मालवीय ने ट्विटर पर एक लंबे बयान के साथ सैम पित्रोदा की आलोचना की है।
अपने बयान में अमित मालवीय ने दावा किया, कि दुनिया भर की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर काफी बेहतर कर रहा है। उन्होंने कहा, कि "सैम पित्रोदा, जो राजीव गांधी के सहयोगी रह चुके हैं, वो शातिर के रूप में अनजान हैं। वह अपने सहयोगी के बड़े हो चुके बेटे को बेबी सिट कर सकते हैं, लेकिन भारत को बदनाम करने की जरूरत नहीं है, जिसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है"।
अमित मालवीय ने आगे लिखा, कि "उदाहरण के लिए, अप्रैल 2023 में भारत में खुदरा मुद्रास्फीति 4.7% पर आ गई है, जो 18 महीनों में सबसे कम है। थोक मुद्रास्फीति निगेटिव फील्डर में है और इसी अवधि के लिए -0.92% थी, जो 34 महीनों में सबसे कम है।"
उन्होंने आगे लिखा, कि "भारत की मुद्रास्फीति अमेरिका की तुलना में बहुत कम है, उदाहरण के लिए, पित्रोदा जिस देश में रहते हैं। इसी तरह, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मामले में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में एक कोविड महामारी और यूक्रेन-रूस युद्ध के बावजूद बहुत बेहतर स्थिति में है।"
अमित मालवीय ने सैम पित्रोदा पर हिंदू धर्म का अपमान करने और भारत विरोधी एजेंडे वाले कट्टरपंथी संगठनों के साथ संबंध बनाने का आरोप लगाया।
सैम पित्रोदा पर बरसे अमित मालवीय
अमित मालवीय ने कहा है, कि "सैम का इरादा हिंदुओं पर जहर उगलने और मंदिरों को बदनाम करने का था, जिसने भारत की सभ्यताओं को कायम रखा है, लेकिन सैम पित्रोदा का इरादा ना केवल भारती की अर्थव्यवस्था को, बल्कि शायद कार्यक्रम के समन्वयकों और वहां के दर्शकों को आकर्षित करने का था।"
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अमित मालवीय ने आरोप लगाया है, कि "अब यह कोई रहस्य नहीं है, कि न्यूयॉर्क कार्यक्रम से जुड़े कुछ 'समन्वयक' उन संगठनों से निकटता से जुड़े हुए हैं, जो जमात-ए-इस्लामी और मुस्लिम ब्रदरहुड के लिए काम करते हैं। जॉर्ज सोरोस से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ मेल-मिलाप करने के बाद, शायद उनकी कोशिश एमसीएनजे, आईसीएनए, आईएएमसी और आईएमएनए जैसे अन्य संगठनों को आकर्षित करने का था... ये सभी संगठन आपस में जुड़े हुए हैं और उन पदाधिकारियों द्वारा संचालित हैं, जिनका उद्देश्य भारत के हितों को कमजोर करना है।"












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