झांसा देकर अरबों रुपये के Bitcoin की ठगी, देना होगा 41 अरब रुपये जुर्माना
वाशिंगटन। दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है जिसमें ब्रिटेन के एक शख्स ने लोगों को ट्रेडिंग का झांसा देकर 20,000 बिटकॉइन ले लिए। इस शख्स पर 57.1 करोड़ डॉलर (41.36 अरब रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। ये जुर्माना अमेरिकी एजेंसी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (सीएफटीसी) ने लगाया है।

हालांकि अमेरिकी एजेंसी के लिए बेंजामिन रेनॉल्ड्स नाम के इस शख्स से जुर्माना वसूल पाना मुश्किल होगा क्योंकि एजेंसियों को उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
क्या था मामला ?
सीएफटीसी ने बताया कि इंग्लैंड के मैनचेस्टर के रहने वाले बेंजामिन रेनाल्ड्स ने मई 2017 से अक्टूबर 2017 के बीच ग्राहकों को झांसा दिया कि वह बिटकॉइन को वर्चुअल करेंसी मार्केट में बेचकर मुनाफा कमाएगा और उन्हें भी मालामाल करेगा। रेनाल्ड्स ने लालच देकर क्लाइंट से बिटकॉइन तो ले लिए लेकिन उससे कोई ट्रेडिंग नहीं की और न ही ग्राहकों को कोई मुनाफा दिया। इस दौरान उसने 170 ग्राहकों को झांसे में फंसाकर 14.3 करोड़ डॉलर (10.35 अरब रुपये) रकम की बिटकॉइन जमा कर ली।
42.9 करोड़ का जुर्माना
सीएफटीसी ने शुक्रवार को रेनाल्ड्स पर प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि मैनहट्टन की संघीय अदालत के आदेश के अनुसार रेनाल्ड्स को 42.9 करोड़ डॉलर जुर्माना और 14.3 करोड़ डॉलर की ग्राहकों के साथ ठगी करके ली गई रकम वापस करनी होगी।
इस महीने की शुरुआत में न्यूयार्क के दक्षिणी डिस्ट्रिक्ट की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सीएफटीसी ने जनवरी 2019 में रेनाल्ड्स को नोटिस भेजा था लेकिन वह जवाब देने के लिए उपस्थित नहीं हुए। वहीं सीएफटीसी ने अपने बयान में कहा है कि आदेश के बावजूद रिकवरी करना बहुत मुश्किल होगा क्योंकि धोखेबाज रेनाल्ड्स के पास शायद अदा करने के लिए पर्याप्त रकम नहीं है।












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