दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति बिल गेट्स बना रहे है 'सुपर गाय', ये होंगी खूबियां
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लंदन। दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक और अमेरिकी उद्योगपति बिल गेट्स ने एक नए क्षेत्र में क्रांति के लिए शुरुआत करने जा रहे हैं। बिल गेट्स इन दिनों जैविक शोध के क्षेत्र में काम रहे हैं। वह एक सुपर गाय बनाने के प्रोजेक्ट में जुटे हुए हैं। उन्होंने हाल ही में एडिनबर्ग स्थित लिवस्टाक वेटेरिनरी मेडिसिन रिसर्च में इसके लिए 40 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया है। रिपोर्ट के मुताबिक बिल चाहते हैं कि यह सुपर गाय यूरोपीय गायों से ज्यादा दूध दे। यहीं नहीं वे सुपर मुर्गी की बनाने पर भी काम कर रहे हैं जो ज्यादा से ज्यादा अंडे दे।

एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी को दिया 40 मिलियन डॉलर का फंड
रिपोर्ट के मुताबिक बिल चाहते हैं कि यह सुपर गाय सूखे, आपदा और अन्य विषम परिस्थितियों में अधिक से अधिक दूध दे सकते। वहीं इसमें अफ्रीकी गायों की तरह अत्याधिक गर्मी सहन करने की क्षमता हो यानी ये गर्म जलवायु वाले इलाकों में रह सकें। एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी इस फंड का इस्तेमाल मजबूत फसल विकसित करने और उन बीमारियों के रोकथाम संबंधी शोध में भी होगा, जो अफ्रीकी किसानों के आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं। हालांकि की अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ कि कैसे सुपर गाय बनाई जाएगी।

100 मिलियन अफ्रीकी किसानों को होगा फायदा
एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के मुताबिक, बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की यह पहल सराहनीय है। उनके इस कदम से लाखों अपदाग्रस्त किसानों को फायदा मिलेगा। अफ्रीका में लाखों किसान कृषि पर निर्भर हैं। ये लोग बिषम परिस्थियों में फसल उगाते हैं लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के चलते वे खाने भर भी अनाज नहीं उगा पाते। यूके वैज्ञानिक अपनी विशिष्टता का उपयोग विशिष्ट जीनों की पहचान की कोशिश कर रहे हैं जो उन्हें बीमारियों और खराब मौसम के बावजूद पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवा सकें। इससे लगभग 100 मिलियन अफ्रीकी किसानों की मदद होगी और उन्हें गरीबी के अंधकार से निकाला जा सकेगा।

वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
जलवायु वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की सुपर गाय वातावरण के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं क्योंकि ये मीथेन गैस का उत्पादन करती हैं। हालांकि बिल गेट्स का मानना है कि यह गाय वैश्विक गरीबी और भुखमरी से लड़ने में मदद करेगी। भोजन के लिए पशुओं को बढ़ाने के लिए भारी मात्रा में जमीन, भोजन, ऊर्जा और पानी की आवश्यकता होती है। व्हाइट हाउस ने 2020 तक डेयरी उद्योग से मीथेन उत्सर्जन को 25 प्रतिशत तक कम करने का प्रस्ताव रखा है।












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