बिलावल भुट्टो बने पाकिस्तान के विदेश मंत्री, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ, मोदी सरकार पर रहते हैं आक्रामक
शहबाज सरकार में बिलावल भुट्टो शामिल तो हो गये हैं, लेकिन उनके सामने चुनौतियों का अंबार है और यूक्रेन संकट के साथ साथ चीन और अमेरिका के बीच सामंजस्य बिठाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
इस्लामाबाद, अप्रैल 27: पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल भुट्टो पाकिस्तान की नई सरकार में विदेश मंत्री बन गये हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ आरिफ अल्वी ने बुधवार को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी को विदेश मामलों के केन्द्रीय मंत्री के रूप में शपथ दिलाई है।

बिलावल बने विदेश मंत्री
पीपीपी चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने एक दिन पहले पार्टी की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था की मंजूरी के बाद शपथ ली है। मंगलवार को पीपीपी केंद्रीय कार्यकारी समिति (सीईसी) की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा था कि, उनके सामने बड़ी चुनौतियां हैं, लेकिन उन्होंने पाकिस्तानियों को आश्वासन दिया. कि मौजूदा सरकार उन्हें दूर करेगी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मौजूद थे। जिसमें पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, पूर्व प्रधान मंत्री यूसुफ रजा गिलानी और राजा परवेज अशरफ, और बड़ी संख्या में सांसद, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कई सरकारी अधिकारी मौजूद थे। उनके शपथ ग्रहण समारोह में उनकी बहन असीफा भुट्टो और मौसी सनम भुट्टो सहित उनके करीबी परिवार के सदस्य भी समारोह में शामिल हुए।

बिलावल के सामने चुनौतियां
शहबाज सरकार में बिलावल भुट्टो शामिल तो हो गये हैं, लेकिन उनके सामने चुनौतियों का अंबार है और यूक्रेन संकट के साथ साथ चीन और अमेरिका के बीच सामंजस्य बिठाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। खासकर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका और पश्चिमी देशों से पाकिस्तान को जिस तरह से अलग थलग कर दिया है, उन संबंधों को फिर से पटरी पर लाना बिलावल के लिए आसान नहीं होगा। इमरान खान की राजनीति ही फिलहाल अमेरिका को कोसने की चल रही है, जिससे अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध काफी खराब हो गये हैं। वहीं, चीन और पाकिस्तान के बीच क्या सीपीईसी प्रोजेक्ट फिर से शुरू करना है और कैसे शुरू करना है, इसपर भी फैसला लेने का प्रेशर होगा।

भारत पर रहते हैं आक्रामक
आपको बता दें कि, बिलावल भुट्टो भी भारत के खिलाफ आक्रामक और अनर्गल बयानबाजी के लिए प्रसिद्ध रहे हैं और उन्होंने साल 2016 में पीएम मोदी के लिए विवादित भाषा का इस्तेमाल किया खथा। बिलावल ने गुजरात और जम्मू-कश्मीर की कुछ घटनाओं के लिए पीएम मोदी को 'कसाई' कहा था। साल 2016 में एक रैली में बिलावल भुट्टो ने यहां तक कहा था, 'मोदी एक उग्रवादी हैं और उनसे पाकिस्तान को कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान पर इसलिए आरोप लगाए हैं, ताकि वह कश्मीर मुद्दे से लोगों का ध्यान भटका सकें। कश्मीर में जारी हिंसा और लोगों पर हो रही ज्यादती पर मोदी लोगों का ध्यान नहीं जाने देना चाहते।'
मोदी सरकार को लेकर राय
वहीं, जनवरी 2018 में बिलावल भुट्टो ने स्विट्जरलैंड के दावोस में एक भारतीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा था कि, मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कोशिश करने में लगी है। बिलावल भुट्टो दावोस में विश्व आर्थिक मंच समारोह के दौरान भारत के खिलाफ काफी जहर उगला था। बिलावल ने कहा था कि इस वक्त दोनों देशों के रिश्ते इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। भारतीय चैनल इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में बिलावल भुट्टो ने आतंकवाद से लेकर भारत-पाकिस्तान रिश्तों को लेकर अपनी राय रखी थी। बिलावल ने आरोप लगाया था, कि मोदी सरकार पाकिस्तान की शांति नहीं चाहती है।












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