Pakistan: बिलावल भुट्टो ने गठबंधन तोड़ने की दी धमकी, क्या इमरान खान की मन्नत पूरी होगी?
बिलावल ने कहा कि वे बाढ़ पीड़ितों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी बात करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर इसमें उन्हें कुछ भी नकरात्मक प्रतिक्रिया मिली तो सरकार का हिस्सा बनना बहुत मुश्किल होगा।

Image: Oneindia
पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार में विदेश मंत्री और सहयोगी पार्टी पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने गठबंधन तोड़ने की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार सिंध प्रांत में बाढ़ पीड़ितों से किए गए अपने वादे को पूरा नहीं करती है तो उनकी पार्टी के लिए सरकार में बने रहना बहुत मुश्किल होगा। बिलावल भुट्टो रविवार को कराची में बाढ़ प्रभावित किसानों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए बीआईएसपी के तहत बीज सब्सिडी कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया
खतरे में शहबाज शरीफ की कुर्सी
आपको बता दें कि जैसे शहबाज शरीफ और उनके परिवार के लिए पंजाब प्रांत बेहद खास है, ठीक उसी तरह बिलावल भुट्टो और उनके परिवार के लिए सिंध इलाका बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस इलाके में उनका मजबूत आधार है। सिंध में इस समय बिलावल की पार्टी पीपीपी की सरकार ही है। पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में अपने समर्थकों को साधे रखने के लिए बिलावल ने सरकार की खिंचाई की है। उनके इस ऐलान के बाद शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। ऐसे में अगर बिलावल भुट्टो इस्तीफा देते हैं तो इससे पाकिस्तान सरकार का अल्पमत में आना तय है।
याद दिलाया पुराना वायदा
किसानों के कार्यक्रम में बिलावल ने केंद्र सरकार को उसके वादे की याद दिलाते हुए कहा कि सब्सिडी कार्यक्रम के जरिए सिंध में बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए 13.5 बिलियन रुपये चाहिए। ऐसे में बिलावल ने बाकी पैसों के लिए केंद्र की शहबाज सरकार से मदद करने को कहा। उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे को नेशनल असेंबली में उठाएंगे। इसके साथ ही बिलावल ने कहा कि वह बाढ़ पीड़ितों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी बात करेंगे।
जनगणना के तरीके पर भी दिखे नाखुश
वहीं, बिलावल भुट्टो पाकिस्तान में हो रहे डिजिटल जनगणना के तरीके पर भी नाखुश दिखे। पंजाब और खैबर-पख्तूनख्वा विधानसभाओं के चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह कैसे सही है कि एक राज्य में विधानसभा चुनाव 2018 की जनगणना के आधार पर होता है, जबकि दूसरे राज्य में वहीं चुनाव डिजिटल जनगणना के आधार पर होता है, जिस पर विवाद चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने 2018 की जनगणना के परिणामों पर भी आपत्ति जताई थी। सिंध में आवास जनगणना के परिणामों में अन्य प्रांतों की तुलना में भारी अंतर था। उन्होंने कहा कि मुराद अली शाह के नेतृत्व में चली जनगणना त्रुटिपूर्ण है।
बलूचिस्तान में आई थी भीषण बाढ़
बिलावल भुट्टो ने कहा कि 2018 की जनगणना का मकसद एक खास व्यक्ति को सत्ता में लाना था। उनका इशारा पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तरफ था। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि जनगणना को उसी धोखाधड़ी तरीके से आयोजित किया जाना है, तो यह पीपीपी को स्वीकार्य नहीं है। गौरतलब है कि पिछले साल पाकिस्तान में विनाशकारी बाढ़ आई थी, जिससे देश का एक तिहाई भाग जलमग्न हो गया था और 1,200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और 1600 से अधिक लोग घायल हो गए थे। बाढ़ से 3451 किलोमीटर रोड और 149 ब्रिज को नुकसान हुआ। इससे देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। क्योंकि बाढ़ से 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ था।












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