QUAD देशों को लेकर चीनी राष्ट्रपति के दावे पर बोले जो बाइडेन, 'भारत समेत सभी देशों की अपनी समस्याएं'
नई दिल्ली, 23 अप्रैल। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने कहा है कि क्वाड (QUAD) समूह तानाशाही देशों को खिलाफ एक उपकरण है। ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका का यह संगठन सहयोग बढ़ाने के साथ इंडोपैसिफिक में एक साथ कार्य करने का अवसर देता है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपतिन ने कहा कि क्वाड को चीन (China) के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने इसे चीन के खिलाफ बताया था। लेकिन संगठन के सभी देशों की अपनी- अपनी समस्याएं हैं।

देशों के बीच सहयोग बढ़ाना क्वाड का उद्देश्य: बाइडेन
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कई देशों के साथ क्षेत्रीय विवाद के कारण चीन अपने गठन के बाद से ही क्वाड गठबंधन का पुरजोर विरोध करता रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से दावा किया था कि अमेरिका चीन के खिलाफ क्वाड को मजबूत कर रहा है। अब बाइडन ने कहा है कि एक कार्यक्रम में मैंने शी जिनपिंग को संकेत दिया था कि मैं क्वाड देशों (ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका) के बीच सहयोग को बढ़ा रहा हूं। जिस पर शी जिनपिंग ने यह सब हमें प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। बाइडेन के कहा कि तब उन्होंने चीन राष्ट्रपति से कहा था कि ऐसा नहीं है।
क्वाड देशों की अपनी- अपनी समस्याएं: अमेरिकी राष्ट्रपति
एक दिन पहले शुक्रवार को डेमोक्रेटिक पार्टी के फंडरेजर कार्यक्रम के दौरान बाइडेन ने कहा कि उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी को संकेत दिया था कि मैं क्वाड (QUAD) देशों को एक साथ करने जा रहा हूं। तब शी जिनपिंग ने कहा था वे चीन के प्रभावित करने के लिए ऐसा करने जा रहे हैं। बाइडेन ने आगे कहा कि उन्होंने उस वक्त शी से कहा था कि ऐसा नहीं है। हम उन लोगों को एक साथ रखने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें इंडोपैसिफिक में एक साथ काम करने का अवसर मिला है। बाइ़डेन ने रूस का नाम लिए बिना कहा कि क्वाड एक कांसेप्ट है जिसके तहत हम मिलकर काम कर सकते हैं। ये तानाशाही रवैये वाले देशों के खिलाफ होगा। जैसा कि इस समय बहुत सारे देश बन गए हैं। विशेष रूप से न केवल चीन बल्कि रूस और कई अन्य देश। बाइडेन ने आगे कहा कि भारत की अपनी समस्याएं हैं। अन्य देशों की अपनी- अपनी समस्याएं हैं।
क्वाड के को लेकर चीन का मत
चीन क्वाड का शुरुआत से ही विरोध करता रहा है। चीन का मानना है कि क्वाड समूह अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया द्वारा एक साथ मिलकर काम करने के लिए अनिवार्य रूप से एक उपकरण है। अमेरिका का दबदबा बनाए रखने के लिए चीन को घेरने के साथ अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और सहयोग को कमजोर करना इसका उद्देश्य है।












Click it and Unblock the Notifications