यूक्रेन को अमेरिका ने दी रूस के घर में घुसकर मारने की इजाजत, बाइडेन ने खोला 'तीसरे विश्वयुद्ध' का दरवाजा?
Ukraine War: क्या अमेरिका ने तीसरे विश्वयुद्ध का दरवाजा खोल दिया है? ये सवाल इसलिए, क्योंकि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन को रूसी जमीन पर अमेरिकी हथियारों के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है, ताकि यूक्रेन को अपने पूर्वोत्तर खार्किव क्षेत्र को हमले से बचाने में मदद मिल सके।
अमेरिका के कई अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर गुरुवार को कई मीडिया ऑउटलेट्स को बताया है, कि यूक्रेन को खार्किव क्षेत्र की सीमा पर अमेरिकी हथियारों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी, जहां पर इस महीने की शुरूआत में रूस ने फिर से हमले किए थे।

बाइडेन प्रशासन का ये फैसला यूक्रेन को लेकर अमेरिका के नीतिगत फैसले को दर्शाता है, लेकिन, अमेरिकी सरकार के इस फैसले ने क्रेमलिन के अधिकारियों को नाराज कर दिया है। और माना जा रहा है, कि अमेरिका ने अपने हथियारों के रूसी सीमा के अंदर इस्तेमाल की इजाजत तब दी है, जब फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों ने कहा था, कि नाटो सेना को यूक्रेन के अंदर दाखिल होकर रूस से मुकाबला करना चाहिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन को रूस के अंदर सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हथियारों के इस्तेमाल करने की इजाजत देने से यूक्रेन युद्ध खतरनाक स्तर की तरफ बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिकी हथियारों से रूसी सैन्य ठिकानों को गहरा नुकसान हो सकता है।
तीसरे विश्वयुद्ध का क्यों खुला दरवाजा?
यूक्रेन को खार्किव क्षेत्र के साथ सीमा पर सैन्य लक्ष्यों पर हमला करने का अधिकार दिया जाएगा, जहां रूस ने 10 मई से कई गांवों पर कब्जा कर लिया है, जिससे हजारों निवासियों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स, एएफपी और एसोसिएटेड प्रेस समाचार एजेंसियों को इस फैसले के बारे में जानकारी दी है। इस बदलाव की सबसे पहले ऑनलाइन मीडिया आउटलेट पोलिटिको ने रिपोर्ट की थी।
अमेरिकी अधिकारी ने कहा है, कि "राष्ट्रपति ने हाल ही में अपनी टीम को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, कि यूक्रेन खार्किव क्षेत्र में जवाबी गोलीबारी के लिए अमेरिका द्वारा आपूर्ति किए गए हथियारों का उपयोग करने में सक्षम हो, ताकि यूक्रेन उन रूसी बलों के खिलाफ जवाबी हमला कर सके, जो उन पर हमला कर रहे हैं या उन पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं।"
वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को चेतावनी दी है, कि अगर यूक्रेन अपने पश्चिमी सहयोगियों से मिले हथियारों का इस्तेमाल करता है, तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। इसके साथ ही, पुतिन ने रूस की परमाणु शक्ति पर भी जोर दिया है।
रूस की आरआईए नोवोस्ती समाचार एजेंसी ने रूसी निचले सदन की रक्षा समिति के प्रमुख आंद्रेई कार्तपोलोव के हवाले से शुक्रवार को कहा है, कि मॉस्को,स संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रदान किए गए हथियारों का उपयोग करके अपने क्षेत्र पर यूक्रेनी हमलों का खतरनाक जवाब देगा। कार्तपोलोव ने कहा, कि अमेरिकी हथियारों के साथ रूस के अंदर सीमित मिसाइल हमलों की इजाजत देने के बाइडेन के फैसले से यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
रूस के वरिष्ठ रूसी सुरक्षा अधिकारी दिमित्री मेदवेदेव ने कहा, कि रूस यूक्रेन के खिलाफ टेक्टिकल परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना की बात करके झूठ नहीं बोल रहा है और पश्चिम के साथ उसका संघर्ष एक व्यापक युद्ध में बदल सकता है।
अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट में, मेदवेदेव ने कहा, कि पश्चिम के साथ मास्को का संघर्ष सबसे खराब स्थिति की तरफ विकसित हो रहा है और "कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि यह अंतिम चरण तक बढ़ सकता है।"
जाहिर सी बात है, रूस ने परमाणु युद्ध शुरू करने की चेतावनी दी है, लिहाजा सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या बाइडेन का ये फैसला सही है?

क्या बाइडेन का ये सही फैसला है?
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अपने पश्चिमी सहयोगियों से आग्रह किया है, कि वे कीव को रूसी धरती पर लक्ष्यों को भेदने के लिए अपने लंबी दूरी के हथियारों का उपयोग करने की अनुमति दें। आपको बता दें, कि इस महीने की शुरूआत में रूस ने यूक्रेनी शहर खार्किव पर काफी खतरनाक हमले किए हैं, जो रूस की सीमा से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर बसा शहर है।
आधी रात को हुए हमले में कम से कम तीन यूक्रेनी नागरिकों की मौत हो गई और 16 घायल हो गये, जब एक रूसी मिसाइल शहर में एक अपार्टमेंट ब्लॉक से टकराई थी। वहीं पिछले हफ्ते, एक हार्डवेयर सुपरस्टोर पर रूसी हमले के बाद 19 लोग मारे गए थे।
ट्रम्प प्रशासन के तहत व्हाइट हाउस नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में यूरोपीय मामलों के पूर्व निदेशक और सेवानिवृत्त सेना लेफ्टिनेंट कर्नल अलेक्जेंडर विंडमैन ने रॉयटर्स को बताया, "बाइडेन प्रशासन, जोखिम के प्रति अपनी अतिसंवेदनशीलता और गलतफहमी से बहुत आगे निकल आया है।"
उन्होंने बाइडेन प्रशासन की इस नीतिगत बदलाव का समर्थन किया है और कहा है, कि "बेशक यह सही कदम है।"
वहीं, नियर ईस्ट साउथ एशिया सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज में अमेरिकी रक्षा नीति विशेषज्ञ डेविड डेस रोचेस ने कहा, कि बाइडेन प्रशासन ने शुरू में यूक्रेन के अनुरोध को अस्वीकार करने और अंततः जमीनी हकीकत के कारण झुकने का एक पैटर्न दिखाया है।
अलजजीरा की एक रिपोर्ट में उन्होंने कहा, कि "यूक्रेनियन अपने हथियारों से रूस के परमाणु बुनियादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने घरेलू रूप से निर्मित ड्रोन से क्रास्नोडार के प्रारंभिक चेतावनी रडार को क्षतिग्रस्त कर दिया और यह रूस के बहुत भीतर हुआ हमला है। इस साल की शुरुआत में, उन्होंने रूस के रणनीतिक बमबारी बेस पर हमला किया था..।"
आपको बता दें, कि 24 फरवरी 2022 में रूसी सेना ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर आक्रमण शुरू कर दिया था, और उसके बाद से अमेरिका लगातार यूक्रेन की मदद कर रहा है। वहीं, अमेरिका यूक्रेन को हथियारों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।
बाइडेन का यह निर्णय नाटो प्रमुख जेन्स स्टोलटेनबर्ग द्वारा गठबंधन के विदेश मंत्रियों को यह बताने के कुछ घंटों बाद आया है, कि हथियारों के उपयोग पर कीव पर लगाए गए प्रतिबंधों को शिथिल करने और "यूक्रेनियों को वास्तव में खुद का बचाव करने में सक्षम बनाने" का "समय आ गया है"।
उन्होंने कहा, "हमें यह याद रखने की आवश्यकता है, कि यह क्या है।" उन्होंने रहा, "यह यूक्रेन के खिलाफ मास्को द्वारा अपनी मर्जी से शुरू किया गया आक्रामकता का युद्ध है।"
स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि आत्मरक्षा के अधिकार में "यूक्रेन के बाहर वैध सैन्य ठिकानों पर हमला करना भी शामिल है।"
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा, कि वाशिंगटन यूक्रेन को ATACMS का उपयोग करने की अभी भी इजाजत नहीं देगा, जिसकी मारक क्षमता 300 मील तक है। मॉस्को खार्किव क्षेत्र में अपने आक्रमण का समर्थन करने के लिए यूक्रेन के साथ अपनी सीमा के अंदर मिसाइल लांचर और अन्य सैन्य स्थलों का उपयोग कर रहा है, जबकि लड़ाकू विमानों का उपयोग खार्किव पर ग्लाइड बम गिराने के लिए किया गया है, जो युद्ध से पहले लगभग 1.5 मिलियन लोगों का घर था।












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