प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिला इस देश का सर्वोच्च सम्मान, भारत की शान में लगे चार चांद
भारत और भूटान कई दशक से काफी अच्छे दोस्त और पड़ोसी हैं। खासकर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के दौरान भारत ने भूटान की काफी मदद की है और भारत की मदद से ही भूटान में सबसे पहले वैक्सीनेशन हो पाया।
थिम्फू, दिसंबर 17: यह भारत की शानदार विदेश नीति का ही नतीजा है कि विदेशों में भारत का डंका लगातार बज रहा है। खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विदेशों में सम्मान मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। खाड़ी देशों के बाद अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भूटान के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है।

पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान
भूटान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजने का फैसला किया है और इस बात की जानकारी खुद भूटान के प्रधानमंत्री की तरफ से ट्वीट कर दी गई है। भूटान के प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर बताया है कि, भूटान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'Ngadag Pel gi Kholrlo' से भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्मानित किया गया है। भूटान द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री को देश का सर्वोच्च सम्मान दोनों देशों की दोस्ती को और प्रगाढ़ करने के लिए दिया गया है, खासकर उस वक्त, जब भूटान के सामने सबसे बड़ा संकट चीन है। भूटान के प्रधानमंत्री ने कोविड महामारी के दौरान भारत से मिले सहयोग के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है।
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पीएम मोदी का जताया आभार
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और भूटान के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक अंतर्संबंध द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण फेक्टर रहा है। भारत भूटान का सबसे बड़ा व्यापार और विकास में भागीदार बना हुआ है और भारत ने भूटान में कई विकास परियोजनाओं को चलाने में महत्वपूर्ण सहायता दी है। भारत ने भूटान को 1020 मेगावाट ताला जलविद्युत परियोजना, पारो हवाई अड्डा और भूटान प्रसारण स्टेशन खोलने में मदद की है। इसके साथ ही भारत की मदद से ही भूटान विश्व का पहला देश बना था, जिसने अपने 100 फीसदी वैक्सीनेशन के लक्ष्य को पूरा कर लिया था।

भारत-भूटान के बीच मुक्त व्यापार
इसके अलावा, भारत भूटान का एक प्रमुख व्यापार भागीदार भी है, जिसमें दोनों देशों के बीच एक मुक्त व्यापार व्यवस्था मौजूद है। वास्तव में, भूटान पहला देश था, जिसने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा निर्मित कोविड -19 टीकों के नरेंद्र मोदी शासन के गिफ्ट को प्राप्त किया था। इस साल की शुरुआत में जनवरी में भारत ने भूटान को कोविशील्ड वैक्सीन की 1.5 लाख खुराक की पहली खेप भेजी थी। इसके साथ ही भारत ने हिमालयी देश भूटान को कोविड-19 की अतिरिक्त 4 लाख वैक्सीन की खुराक भेजी थी, जिसकी वजह से भूटान में तय वक्त में अपने वैक्सीनेशन के लक्ष्य को पूरा कर लिया। भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग ने आभार व्यक्त करते हुए कहा था कि, भूटान को जिस तरह से भारत ने मदद की है, वो एक असीम आशीर्वाद है।

वैक्सीनेशन के लिए सर्वोच्च सम्मान
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए ट्वीट किया था, "कोविशील्ड की अतिरिक्त चार लाख खुराक प्राप्त करने की खुशी है, जिससे हमारे टीकाकरण कार्यक्रम के राष्ट्रव्यापी रोलआउट को संभव बनाया जा सका है। और इस मदद के लिए भूटान के सभी लोग और मैं भारत के आभारी हैं।" पिछली बार जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब भूटान का दौरा किया था उस वक्त पनबिजली क्षेत्र में भूटान को आत्मनिर्भर करने के लिए बड़ी साझेदारी की थी। इसके अलावा अंतरिक्ष सेक्टर, शिक्षा और व्यापार में भी भूटानी लोगों की मदद के लिए अहम घोषणाएं की थीं, जिसका जबरदस्त फायदा भूटान के लोगों को मिल रहा है।












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