‘विश्वासघात करने वाले को भूल से भी नहीं छोड़ता’, प्रिगोजिन की मौत के बाद पुतिन का 5 साल पुराना वीडियो वायरल
रूस में राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के खिलाफ विद्रोह करने वाले वैगनर आर्मी चीफ येवगेनी प्रिगोजिन की बुधवार देर रात एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई। बीते कुछ समय से प्रिगोजिन और पुतिन के संबंध ठीक नहीं चल रहे थे।
रूसी राष्ट्रपति के बारे में सर्वज्ञात है कि जो भी देश में उनका विरोध करने की कोशिश करता है, या फिर उनके लिए खतरा बनता है, वो बेमौत मारा जाता है। इसी से जुड़ा पुतिन का एक वीडियो वैगनर चीफ प्रिगोजिन की मौत के बाद वायरल हो रहा है।

इस वायरल वीडियो में पुतिन कह रहे हैं कि वे धोखा देने वालों को कभी माफ नहीं करते हैं। पुतिन को 2018 की एक डॉक्यूमेंट्री के 9 सेकंड के वीडियो क्लिप में सुना जा सकता है कि "विश्वासघात को माफ नहीं किया जा सकता।"
अब यह 5 साल पुराना क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुतिन से पूछा गया- क्या आप की नजर में कोई माफ करने योग्य शख्स है? इसका जवाब देते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, हां, बिल्कुल। लेकिन हर कोई नहीं।
इसके आगे पुतिन से अगला सवाल पूछा गया कि वह किस स्थिति में शख्स को माफ नहीं कर पाते हैं? इस पर पुतिन का जवाब था- विश्वासघात।
आपको बता दें कि प्रिगोजिन को लेकर पहले ही कई दावे किए जा रहे थे। अमेरिका से लेकर ब्रिटेन में कई विशेषज्ञ बता रहे थे कि पुतिन किसी भी शत्रु को माफ नहीं करते और वैगनर आर्मी चीफ की जान कभी भी जा सकती है।
यूक्रेन में राष्ट्रपति जेलेंस्की के सहयोगी मिखाइलो पोडल्यक ने प्रिगोजिन की मौत पर कहा कि ये इस बात का सबूत है कि जो पुतिन का वफादार नहीं होता, उसका क्या हश्र होता है। यह 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले पुतिन की ओर से दिया गया संकेत है कि अगर कोई उनके खिलाफ गया तो उसका अंजाम वैगनर चीफ जैसा ही होगा।
वहीं, येवगेनी प्रिगोजिन की मौत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि वह इस खबर से बिल्कुल हैरान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रूस में शायद ही ऐसा कुछ होता है, जिसके पीछे पुतिन का हाथ न हो।
पोलैंड के विदेश मंत्री ज्बिग्निऊ राउ ने प्रिगोजिन की बत्या को लेकर कहा कि ये साफ है कि जो भी पुतिन की सत्ता के लिए खतरा पैदा करता है, उसकी मौत कभी भी प्राकृतिक नहीं होती।
आपको बता दें कि 23-24 जून को वैगनर आर्मी चीफ प्रिगोजिन ने पुतिन के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। हालांकि बाद में बेलारूस के राष्ट्रपति की मध्यस्थता के बाद उनका विद्रोध थम गया था। इसके बाद वे बेलारूस में रहने लगे।
मौत से ठीक 2 दिन पहले उनका एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उन्होंने बताया कि वे अफ्रीका में हैं। ऐसे में यह साफ नहीं है कि वो रूस कब और कैसे पहुंचे।












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