बेल्जियम की कोर्ट ने क्यों दिया फेसबुक को 48 घंटों का अल्टीमेटम
ब्रुसेल्स। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के लिए बेल्जियम में नई मुसीबतें खड़ी हो गई हैं। सोशल नेटवर्किंग साइट को कोर्ट ने 48 घंटों का अल्टीमेटम दिया है। कोर्ट ने कहा है कि फेसबुक उन लोगों की निगरानी करना बंद करे जो इसका प्रयोग नहीं करते हैं।

फेसबुक का कहना है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी। कोर्ट का ऑर्डर उस कुकी से संबंधित है जिसका इस्तेमाल पांच वर्षों तक किया है।
कुकी की वजह से कोई ऐसा इंटरनेट यूजर फेसबुक पेज पर जाता है जो इस सोशल नेटवर्क का सदस्य न हो तब भी उसके सिस्टम पर कुकी इंस्टॉल हो जाती है।
हालांकि बेल्जियम की कोर्ट का कहना है कि सूचनाएं इकट्ठा करने के लिए कंपनी को पहले सहमति लेनी चाहिए थी। सीक्रेसी लॉ का हवाला देते हुए जज ने कहा कि बिना सहमति के किसी इंटरनेट यूजर के प्राइवेट डेटा का प्रयोग फेसबुक नहीं कर सकता है।
अगर फेसबुक कोर्ट के फैसले को नहीं मानता तो उस पर 2.50 लाख यूरो रोजाना तक का जुर्माना लग सकता है। कोर्ट के मुताबिक जुर्माने की रकम बेल्जियन प्राइवेसी कमीशन को मिलेगी जिसने इस मामले में अपील की थी।
कुकीज ऐसी नॉर्मल फाइल्स होती हैं जो इंटरनेट यूजर्स का ट्रैक रखती हैं। कुकीज इस बात की निगरानी करती है कि एक यूजर किसी वेबसाइट पर कितनी लैंड किया, पहले लैंड किया या नहीं और फिर उसकी सूचना उस वेबसाइट को देती हैं।
ये फ़ाइलें इस बात पर भी नजर रखती हैं कि यूजर ने किसी पेज पर कितना सम य बिताया, किस पर क्लिक किया और किसको तरजीह दी।
फेसबुक का कहना है कि वो कुकीज का प्रयोग दुनियाभर में अपने 1.5 अरब यूजर्स की सिक्योरिटी के लिए करता है। हालांकि कंपनी ने भरोसा दिया कि वह बेल्जियम के लोगों के फेसबुक इस्तेमाल में आने वाली हर अड़चन को कम करने की कोशिश कर रहा है।












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