पीएम मोदी की यात्रा से पहले इस अमेरिकी राज्य ने दिया तोहफा! दिवाली को स्कूलों में छुट्टी की घोषणा
विधानसभा सदस्य जेनिफर राजकुमार ने कहा कि दिवाली को स्कूल की छुट्टी बनाकर दक्षिण एशियाई, इंडो कैरेबियाई, हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों की संस्कृति को सम्मान देने का पुराना समय आ गया है।
पेन्सिलवेनिया के बाद न्यूयॉर्क शहर ने भी दिवाली त्यौहार पर शहर के स्कूलों में छुट्टी को लेकर विधायक पारित कर दिया है। न्यूयॉर्क राज्य विधानमंडल ने भारतीय त्योहार को शहर में एक स्कूल की छुट्टी बनाने के लिए पिछले सप्ताह विधेयक को मंजूरी दे दी है।
बीते सप्ताह सीनेट और विधानसभा दोनों ही जगहों पर इस बाबत सत्र को समाप्त करने से पहले मतदान किया गया। अब इस बाबत कानून बनाने के लिए विधेयक को गवर्नर कैथी होचुल के पास भेजा गया है।

कैथी होचुल के हस्ताक्षर होने के बाद विधेयक कानून की शक्ल ले लेगा। इसका लाभ न्यूयॉर्क में रह रहे भारतीयों को होगा जो हिंदू, सिख, जैन या बौद्ध समुदाय से हैं।
एक बार कानून पारित हो जाने के बाद, मेयर एरिक एडम्स 2 लाख से अधिक न्यूयॉर्क वासियों के लिए दीवाली को स्कूल की छुट्टी के रूप में नामित करने में सक्षम होंगे जो इसे मनाते हैं।
यदि दीवाली दिवस अधिनियम पर राष्ट्रपति द्वारा कानून में हस्ताक्षर किया गया, तो दीवाली का त्योहार अमेरिका में 12वीं संघीय मान्यता प्राप्त अवकाश बन जाएगा।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बताया कि इससे पहले, बिल दो बार विफल हो चुका है। पहली बार इस बिल को 2021 में पेश किया गया था जहां असफल होने के बाद इसे एक बार फिर से अक्टूबर 2022 में पेश किया गया था।
विधानसभा सदस्य जेनिफर राजकुमार ने ऐतिहासिक विधेयक पारित करते हुए कहा, "इसने दक्षिण एशियाई समुदाय के सपने को पूरा किया है। वह कहते रहे हैं कि दिवाली को स्कूल की छुट्टी बनाकर दक्षिण एशियाई, इंडो कैरेबियाई, हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों की संस्कृति को सम्मान देने का पुराना समय आ गया है।"
न्यूयॉर्क की मेयर एरिक एडम्स ने इस कानून का समर्थन कर रहे हैं, जबकि इससे पहले के मेयर, स्कूल के चांसलर इस कानून का विरोध करते आए हैं। हालांकि व्हाइट हाउस और यूएस कैपिटल सहित वाशिंगटन डीसी में दिवाली मनाई जाती है, लेकिन इसे अभी तक राष्ट्रीय अवकाश घोषित नहीं किया गया है।












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