बांग्लादेशी नाबालिग हिंदू लड़की की बॉर्डर के पास गोली मारकर हत्या, जान बचाकर भाग रही थी भारत
Bangladesh: बांग्लादेश की एक नाबालिग हिंदू लड़की को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने गोली मारकर हत्या कर दी। नाबालिग लड़की को उस वक्त गोली मारी गई, जब वह अपने ही देश में अत्याचारों से बचने के लिए त्रिपुरा जाने की कोशिश कर रही थी।
यह घटना रविवार रात को हुई है, लेकिन बीएसएफ ने सोमवार को उनोकोटी जिले के कैलाशहर में भारत-बांग्लादेश सीमा के जीरो पॉइंट के पास स्वर्ण दास का शव बरामद किया है।

गृह विभाग के एक सूत्र ने बताया है, कि "कथित तौर पर स्वर्णा और उसके माता-पिता बांग्लादेश में शासन परिवर्तन के बाद से ही मुश्किलों का सामना कर रहे थे। पिछले तीन हफ्तों में उन्होंने तीन बार त्रिपुरा में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन वे असफल रहे थे।"
त्रिपुरा सीमा के पास मारी गई गोली
बीएसएफ की रिपोर्ट बताती है कि स्वर्णा को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने उस समय गोली मार दी, जब वह अपने माता-पिता रेबती दास और रानी दास के साथ सीमा पार करने की कोशिश कर रही थी। सूत्र ने बताया है, कि "जब वे रात में बीएसएफ की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर पिलर नंबर 57 के पास सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे, तो बीजीबी ने गोलीबारी शुरू कर दी।"
गोली लगने के बाद भी स्वर्णा कुछ दूर भागने में सफल रही, लेकिन जीरो पॉइंट पर उसकी मौत हो गई। उसके माता-पिता बांग्लादेश वापस चले गए, लेकिन बाद में बीजीबी ने उन्हें पकड़ लिया और फिलहाल मौलवीबाजार जिला अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। चूंकि लड़की की मौत भारतीय धरती पर हुई है, इसलिए बांग्लादेशी अधिकारी उसका शव नहीं ले पाए। बीएसएफ अधिकारियों के साथ उनाकोटी के अतिरिक्त एसपी के नेतृत्व में एक टीम ने दोपहर में शव बरामद किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया है, कि लड़की का शव मंगलवार को मनु चेक पोस्ट पर बीजीबी के जरिए परिवार को सौंप दिया गया। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है, कि "स्वर्णा को बीजीबी ने मार डाला और सभी औपचारिकताओं के बाद, हमने मंगलवार को मनु चेक पोस्ट पर बीजीबी के जरिए उसका शव परिवार को सौंप दिया।"
बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता की वजह से त्रिपुरा में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के आने का सिलसिला जारी है, जिससे कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्याएं पैदा हुई हैं। 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने उस समय गोली मार दी जब वह अपने माता-पिता के साथ सीमा पार करने की कोशिश कर रही थी। यह घटना दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव और सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है।
बांग्लादेश में लगातार हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार जारी हैं और हिंदू शिक्षकों के भी इस्तीफे लिए जा रहे हैं। अभी तक 49 हिंदू शिक्षकों से जबरन इस्तीफा लिया गया है। लेकिन, बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए आवाज उठाने वाला कोई नहीं है।












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