बांग्लादेश को बड़ी कामयाबी, प्रति व्यक्ति इनकम में भारत को पीछे छोड़ा
आजादी के बाद से ही बांग्लादेश कई चुनौतियों का सामना करता रहा, लेकिन वो लगातार बढ़ता रहा और नई रिपोर्ट के मुताबिक प्रति व्यक्ति इनकम के मामले में बांग्लादेश ने भारत को पीछे छोड़ दिया है।
ढाका, मई 22: 1971 में पाकिस्तान से टूटकर जब बांग्लादेश को निर्माण हुआ था तो वो दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक माना जाता था। प्राकृतिक संसाधनों का भारी अभाव वाला ये देश विकास के रास्ते पर कैसे आगे बढ़ेगा, ये हर कोई सोच रहा था। ऊपर से बांग्लादेश ने कई ऐसी प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना किया है, जिसने बांग्लादेश की सपनों की उड़ान को हमेशा से पीछे धकेला है, बावजूद इसके अपने निर्माण के 51 साल से बाद बांग्लादेश ने अपनी सफलता की कहानी लिख दी है। बांग्लादेश ने प्रति व्यक्ति इनकम के मामले में विशालकाय भारत को पीछे छोड़ दिया है।

बांग्लादेश को कामयाबी
आजादी के बाद से ही बांग्लादेश कई चुनौतियों का सामना करता रहा, लेकिन वो लगातार बढ़ता रहा। उसकी चाल भले कछुए सरीखी थी लेकिन बांग्लादेश की चाल हमेशा बनी रही और यही वजह है कि आज बांग्लादेश कई मामलों में हमसे आगे निकलता दिखाई दे रहा है। नई रिपोर्ट के मुताबिक प्रति व्यक्ति इनकम के मामले में बांग्लादेश ने भारत को पीछे छोड़ दिया है। बांग्लादेश के योजना मंत्री एमए मन्नान ने सोमवार को देश को बताया है कि बांग्लादेश में प्रति व्यक्ति इनकम बढ़कर अब 2227 डॉलर हो गई है, जो पहले 2064 डॉलर प्रति व्यक्ति थी। बांग्लादेश के योजना मंत्री ने मन्नान ने बांग्लादेश कैबिनेट की बैठक में ये आंकड़ा प्रधानमत्री शेख हसीना के सामने रखा है। बांग्लादेश के कैबिनेट सचिव खान्दकर अनवारूल इस्लाम ने पत्रकारों से बात करते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कैबिनेट की बैठक में वर्चुअली शामिल हुई थीं।

भारत को पीछे छोड़ा
बांग्लादेश ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भारत को भी प्रति व्यक्ति इनकम में भारत को पीछे छोड़ दिया है। बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय अभ 2227 डॉलर हो गई है तो भारत में प्रति व्यक्ति इनकम 1947 डॉलर है। यानि भारत की तुलना में बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय 280 डॉलर ज्यादा है। प्रति व्यक्ति इनकम के मामले में भारत को पीछे छोड़नाा बांग्लादेश के लिए बड़ी बात है। क्योंकि, जनसंख्या के लिहाज से भी अगर बात करें, तो बांग्लादेश में भारत से ज्यादा जनसंख्या घनत्व है। बांग्लादेश के कैबिनेट सचिव ने कहा कि '2020-21 वित्तीय वर्ष में बांग्लादेश में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले प्रति व्यक्ति आय में 9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। 2020-21 में बांग्लादेश में प्रति व्यक्ति आय 2227 डॉलर है, जो पिछले वित्त वर्ष में 2064 थी।'

2007 में भारत से आधी थी प्रति वक्ति आय
बांग्लादेश के लिए प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत से आगे निकलना इसलिए भी एक बड़ी कामयाबी है, क्योंकि आज से करीब 14 साल पहले, यानि 2007 में बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय भारत की तुलना में आधी थी। वहीं, आईएमएफ ने कुछ साल पहले वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में अनुमान लगाया था कि बांग्लादेश भारत को प्रति व्यक्ति इनकम के मामले में पीछे छोड़ देगा। लेकिन, आईएमएफ का ये अनुमान साल 2025 के लिए था और बांग्लादेश ने ये कामयाबी आईएमएफ के अनुमान से 3 साल पहले ही हासिल कर ली है।

'भारत-बांग्लादेश की तुलना गलत'
कई अर्थशास्त्री भारत-बांग्लादेश की तुलना को गलता मानते हैं। भारत के पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा कि 'दोनों देशों के नंबर्स की तुलना करना गलत है। मार्केट एक्सचेंज रेंट दोनों देशों का अलग अलग है और इसी वजह से दोनों देशों में महंगाई दर भी अलग अलग है और डॉलर की कीमत भी दोनों देशों में एक नहीं है।' वहीं, कई विश्लेषकों का मानना है कि पिछले 20 सालों में बांग्लादेश ने आर्थिक और सामाजिक पैमाने पर काफी ज्यादा तरक्की की है। देश बनने के फौरन बाद ही 1974 में बांग्लादेश को भयानक अकाल का सामना करना पड़ा था और अब 16 करोड़ 60 लाख की आबादी वाला बांग्लादेश खाद्यान्न मामले में आत्मनिर्भर बन चुका है। हालांकि, अब भी बांग्लादेश की एक बड़ी आबादी गरीब है लेकिन वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में अब सिर्फ 9 प्रतिशत ही ऐसे लोग बचे हैं, जो 1.25 डॉलर में अपनी जिंदगी चलाते हैं।

बांग्लादेश की आर्थिक तरक्की
बांग्लादेश ने पिछले 20 सालों में आर्थिक तरक्की के नये नये आयाम लिखे हैं। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में बांग्लादेश ने तेजी से तरक्की की है और कपड़ा उद्योग क्षेत्र में बांग्लादेश चीन के बाद दूसरे नंबर पर है। और ऐसे ही कुछ वजह हैं कि पिछले 10 सालों से बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था 6 प्रतिशत की वार्षिक दर से आगे बढ़ी है, जो किसी भी देश के लिए ऐतिहासिक होता है। 971 से पहले बांग्लादेश पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था और जब तक बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा रहा, वो लगातार निराशा और गरीबी के दलदल में धंसता जा रहा था। 1971 में आजादी के बाद भी बांग्लादेश की स्थिति कुछ ठीक नहीं थी। खासकर 1974 के भूकंप ने बांग्लादेश में भुखमरी की नौबत ला दी थी। लेकिन 2006 के बाद बांग्लादेश ने अपनी तकदीर बदलनी शुरू कर दी और विकास की रेस में पाकिस्तान को काफी ज्यादा पीछे छोड़ दिया। बांग्लादेश ने अर्थव्यवस्थआ की वार्षिक रफ्तार और प्रति व्यक्ति इनकम में पाकिस्तान को काफी ज्यादा पीछे छोड़ दिया है और ये बांग्लादेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।












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