Bangladesh को जलने से बचा सकती थी हादी के शूटर की गर्लफ्रेंड! सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट
Bangladesh Protests: बांग्लादेश इस वक्त अपनी सबसे अस्थिर राजनीतिक स्थिति से गुजर रहा है। कट्टरपंथी और भारत-विरोधी लीडर शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में हिंसा और आगजनी का माहौल है। इस बीच, हादी पर हुए हमले को लेकर जांच एजेंसियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हादी पर हमले की योजना बेहद प्रोफेशनल तरीके से बनाई गई थी। मुख्य आरोपी फैसल करीम ने हमले से ठीक एक रात पहले सावर (Savar) के एक रिसॉर्ट में अपनी गर्लफ्रेंड मारिया अख्तर लीमा से बातचीत की थी।

Bangladesh Protest: हादी के शूटर ने गर्लफ्रेंड को क्या बताया?
रिपोर्ट्स के अनुसार, फैसल ने हादी का एक वीडियो दिखाते हुए मारिया से कहा था, 'कल (शुक्रवार) कुछ ऐसा होने वाला है कि पूरा देश कांप उठेगा।' जांच एजेंसियों का मानना है कि यह बयान साफ करता है कि हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित गहरी साजिश का हिस्सा था।
कैसे रची गई शरीफ उस्मान हादी की हत्या की साजिश?
बांग्लादेश पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) के अनुसार, इस हमले के पीछे भारी फंडिंग और दर्जनों लोगों का नेटवर्क काम कर रहा था।
- बड़ी साजिश: इस हत्याकांड में एक पूर्व पार्षद को मास्टरमाइंड माना जा रहा है। हमले के लिए हथियारों की खरीद से लेकर भागने के रास्तों तक की पूरी प्लानिंग की गई थी।
- हथियारों की बरामदगी: पुलिस ने छापेमारी के दौरान विदेशी पिस्तौल, मैग्जीन और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। नरसिंगडी जिले के एक तालाब से वो हथियार भी मिले जिनका इस्तेमाल गोलीबारी में हुआ था।
- गिरफ्तारियां: अब तक फैसल के माता-पिता, पत्नी और उसकी गर्लफ्रेंड मारिया सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन मुख्य शूटर अब भी गिरफ्त से बाहर हैं।
कौन था शरीफ उस्मान हादी?
शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश की राजनीति में एक विवादित लेकिन प्रभावशाली चेहरा था। वह 'एंटी शेख हसीना इंकलाब मंच' का प्रवक्ता था और अपनी कट्टरपंथी विचारधारा के लिए जाना जाता था। ढाका में बाइक सवार हमलावरों ने उसे दिन-दहाड़े गोली मार दी थी। इलाज के लिए उसे सिंगापुर ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
युवाओं में बढ़ रही थी हादी की लोकप्रियता
32 वर्षीय हादी का जन्म झलकाठी जिले में हुआ था। मदरसा शिक्षक का बेटा हादी नेसराबाद कामिल मदरसे से पढ़ाई के बाद ढाका यूनिवर्सिटी चला गया। यहां से उसने राजनीतिशास्त्र की पढ़ाई की। हादी कई किताबों का लेखक था, बीएनपी के खिलाफ खुलकर बोलता रहा और शेख हसीना विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल था।
हादी ने ही इंकलाब मंच की स्थापना की थी। जिससे आंदोलन के बाद खासकर युवाओं में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। इंकलाब मंच को लेकर विवाद भी रहा और इसे अवामी लीग को कमजोर करने वाला संगठन माना गया, बाद में यूनुस सरकार ने अवामी लीग का रजिस्ट्रेशन रद्द कर उसके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी।
मौत के बाद भड़की हिंसा और अराजकता
हादी की मौत की खबर मिलते ही बांग्लादेश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जो देखते ही देखते हिंसक हो गए।
- आगजनी और हमले: प्रदर्शनकारियों ने मीडिया हाउसों, सांस्कृतिक केंद्रों और शेख मुजीबुर रहमान के आवास तक को निशाना बनाया।
- कानून-व्यवस्था का संकट: ईशनिंदा के आरोपों में भीड़ द्वारा की गई हिंसा ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्षेत्रीय तनाव और चुनाव पर संकट
फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले इस तरह की हिंसा बांग्लादेश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही है। अंतरिम सरकार शांति बहाली में पूरी तरह से नाकाम साबित होती नजर आ रही है। वहीं दूसरी ओर अपराधियों के सीमा पार भागने की अपुष्ट खबरों ने क्षेत्रीय तनाव को भी बढ़ा दिया है।












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