Bangladesh Protest: बांग्लादेश में आज शुरू होगा गृहयुद्ध? कुछ देर में 'ढाका तक मार्च', जानिए हालात
Bangladesh Protest: रविवार को बांग्लादेश की सड़कों पर भीषण हिंसा फिर से शुरू हो गई, जिसमें सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच करीब 100 लोग मारे गए और सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की भी मांग की, जबकि प्रधानमंत्री ने उन पर "तोड़फोड़" करने का आरोप लगाया है।
लेकिन, माना जा रहा है, कि आज बांग्लादेश की स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है और देश गृहयुद्ध में फंस सकता है, क्योंकि कुछ देर में 'मार्च टू ढाका' शुरू होने वाला है, जिसमें हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी भाग लेने वाले हैं और माना जा रहा है, कि इस रैली के दौरान भीषण हिंसा भड़क सकती है।

बांग्लादेश में 'ढाका तक मार्च' कार्यक्रम
बांग्लादेशी अखबारों के मुताबिक, भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन ने अपनी एक सूत्री मांग - शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के इस्तीफे - पर जोर देने के लिए आज "ढाका मार्च" कार्यक्रम की घोषणा की है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने देश भर के छात्रों और लोगों से ढाका तक मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है।
छात्रों के आंदोलन के आंदोलन के तीन कॉर्डिनेटर्स- आसिफ महमूद, सरजिस आलम और अबू बकर मजूमदार ने बांग्लादेशी अखबार 'द डेली स्टार' से कार्यक्रम की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा, कि शुरू में, "ढाका मार्च" मंगलवार के लिए निर्धारित किया गया था। लेकिन बाद में, मार्च को सोमवार को ही निकालने का फैसला किया गया। विरोध प्रदर्शन के आयोजकों ने कहा कि कई लोगों की मौत और वर्तमान स्थिति के कारण तारीख बदली गई है।
वहीं, भारत ने अपने सभी नागरिकों को सलाह दी है कि वे यहां जारी हिंसा के कारण अगली सूचना तक बांग्लादेश की यात्रा करने से बचें। भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार देर रात जारी एक परामर्श में बांग्लादेश में भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अपनी आवाजाही सीमित रखने और ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के आपातकालीन फोन नंबरों पर संपर्क बनाए रखने की सलाह दी है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने आपातकालीन फोन नंबर जारी किए हैं, जो +8801958383679, +8801958383680, +8801937400591 हैं।
बांग्लादेश में क्या हैं मौजूदा हालात
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश में सुप्रीम कोर्ट के अपीलीय और हाई कोर्ट्स के प्रभागों और उनके कार्यालयों सहित देश भर की अदालतों के कार्य अगले निर्देश तक बंद कर दिए गये हैं। हालांकि, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट के अधीन प्रत्येक अदालत में एक या एक से अधिक मजिस्ट्रेट चौबीसों घंटे काम करेंगे, ताकि जरूरी मामलों की सुनवाई और निपटान किया जा सके।
दूसरी तरफ, कर्फ्यू को सख्ती से लागू करवाने के लिए सड़कों पर बांग्लादेशी सेना को उतार दिया गया है, जिसने सभी से कर्फ्यू के नियमों का पालन करने को कहा है। कर्फ्यू को कल अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया है। सेना ने इस संबंध में सभी से सहयोग भी मांगा है।

बांग्लादेशी सेना की इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंस के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल समी उद दौला चौधरी ने प्रदर्शनकारियों को हिदायत देते हुए कहा है, कि "सेना लोगों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण राज्य बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संविधान और कानूनों के मुताबिक अपनी भूमिका निभाएगी।"
इसके अलावा, बांग्लादेश रेलवे ने आज से अगले आदेश तक सभी प्रकार की रेल सेवाओं का ऑपरेशन निलंबित कर दिया है।
द डेली स्टार ने कहा है, कि कल बांग्लादेश में हिंसा की नई लहर के कारण कम से कम 93 लोग मारे गए हैं और एक हजार से अधिक अन्य घायल हो गए, जिनमें से कई को गोलियां लगीं हैं।
प्रधानमंत्री शेख हसीना पर पद छोड़ने के लिए दबाव बनाए रखने के मकसद से छात्रों के नेतृत्व में शुरू किए गए 'असहयोग आंदोलन' के पहले दिन सत्तारूढ़ अवामी लीग पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस की कम से कम 20 जिलों में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प हुई है।
बांग्लादेश में हिंसा भड़कने की सबसे बड़ी वजह है, शेख हसीना की पार्टी के कार्यकर्ताओं और विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकर्ताओं के बीच सीधा टकराव। अवामी लीग के कार्यकर्ता, प्रदर्शनकारियों से सीधे भिड़ रहे हैं, जिसकी वजह से स्थिति काफी खराब हो चुकी है और माना जा रहा है, कि आज की रैली अगर निकलती है, तो ये गृहयुद्ध की तरफ जा सकता है।












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