Bangladesh Crisis: हसीना के इस्तीफे से लेकर हिंसा तक, जानें 5 अगस्त बांग्लादेश के लिए बना ऐतिहासिक पल?
Bangladesh Protest: बांग्लादेश में भीषण विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश छोड़कर भारत पहुंच चुकी हैं। दोपहर करीब 2:30 बजे शेख हसीना ने प्रधानमंत्री निवास बंगभवन से एक सैन्य हेलीकॉप्टर से राजधानी ढाका को छोड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक, उनके साथ उनकी छोटी बहन शेख रेहाना ने भी ढाका छोड़ दिया है और उनके करीबी सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,वे "सुरक्षित स्थान" के लिए रवाना हो गईं हैं।

बांग्लादेश में भड़की हिंसा में अभी तक 300 लोगों की मौत हो गई है।
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US की हिंसा से बचने की अपील
बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति पर, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, "हमने यह घोषणा देखी है कि प्रधानमंत्री हसीना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और बांग्लादेश छोड़ दिया है। हम स्थिति पर सावधानीपूर्वक नज़र रख रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ा है। हम सभी पक्षों से आगे की हिंसा से बचने का आग्रह करते हैं। पिछले कई हफ़्तों में बहुत से लोगों की जान चली गई है, और हम आने वाले दिनों में शांति और संयम बरतने का आग्रह करते हैं। हम अंतरिम सरकार की घोषणा का स्वागत करते हैं और आग्रह करते हैं कि कोई भी बदलाव बांग्लादेश के कानूनों के अनुसार किया जाए। पिछले हफ़्तों में सप्ताहांत में मानवाधिकारों के हनन, हताहतों और चोटों की रिपोर्टों से हम बहुत दुखी हैं
सेना प्रमुख का बर्बरता से दूर रहने का आग्रह
सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-ज़मान ने जनता से किसी भी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या जानमाल को नुकसान पहुंचाने से बचने का आह्वान किया है। यह जानकारी सोमवार को इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) निदेशालय द्वारा जारी एक बयान में साझा की गई।
शेख हसीना को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा: सूत्र
एनएसए अजित डोभाल और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने हिंडन एयरबेस पर बांग्लादेशी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात की। भारतीय वायुसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उन्हें सुरक्षा मुहैया करा रही हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है: सूत्र
सीमा पर स्थिति सामान्य-BSF
BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "मौजूदा स्थिति को लेकर BSF लगातार बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के संपर्क में है। फिलहाल, सीमा पर स्थिति सामान्य है। बांग्लादेश में कर्फ्यू के कारण बांग्लादेश सीमा पर भारत के साथ एकीकृत चेक पोस्ट (ICPs) पर यातायात की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है।''
बांग्लादेश से भागकर दिल्ली के पास हिंडन एयरबेस पर उतरीं शेख हसीना
बांग्लादेश में प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देकर शेख हसीना उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हिंडन एयरफोर्स बेस पर पहुंच गई हैं। उनके साथ भारी संख्या में सिक्योरिटी तैनात है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से लंदन रवाना होंगी।
शेख हसीना सी-130 विमान से हिंडन एयर बेस पर उतरी
बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना सी-130 विमान से हिंडन एयर बेस पर उतरी हैं। विमान को भारतीय वायु सेना के C-17 और C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान हैंगर के पास पार्क किया जाएगा। भारतीय वायु क्षेत्र में प्रवेश से लेकर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस तक विमान की आवाजाही पर भारतीय वायुसेना और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा नजर रखी गई: सूत्र
भारत-बांग्लादेश सीमा पर कैसा माहौल
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फुलबारी में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) का दृश्य, जहां से बांग्लादेशी नागरिकों को अपने देश में प्रवेश करते देखा जा सकता है। अपने देश में भारी विरोध प्रदर्शन के बीच शेख हसीना ने बांग्लादेश की पीएम पद से इस्तीफा दे दिया है और ढाका स्थित अपना आवास छोड़ दिया है।
अवामी लीग से समर्थकों के खिलाफ हिंसा का डर
स्कूल ऑफ अफ्रीकन एंड ओरिएंटल स्टडीज की प्रोफेसर नाओमी होसैन कहती हैं कि अब एक "बड़ा डर" है कि सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों के खिलाफ "प्रतिशोध और हिंसा" हो सकती है। होसैन ने अल जजीरा से कहा है, कि "मुझे लगता है कि यह ऐसी चीज है जिसे लेकर हर कोई वास्तव में चिंतित है और हम वास्तव में उम्मीद कर रहे हैं, कि सेना शांति बनाए रखने के साथ-साथ किसी तरह की अंतरिम व्यवस्था भी पेश कर पाएगी जो बांग्लादेश में लोकतंत्र ला सके।" उन्होंने बताया कि छात्र प्रदर्शनकारियों ने पहले ही सैन्य सरकार को खारिज कर दिया है। होसैन ने कहा, "हमारे पास 2006-2008 में एक सैन्य-समर्थित कार्यवाहक सरकार भी थी जिसने वास्तव में बांग्लादेश में राजनीति, राजनीतिक स्थिति को सुधारने की कोशिश की और वास्तव में ऐसी स्थिति पैदा हुई, जिसमें अवामी लीग ने भारी जीत हासिल की और 15 साल तक सत्तावादी शासन चलाया।"
बांग्लादेश में नहीं लगेगा आपातकाल
बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने कहा है, कि देश में कर्फ्यू या आपातकाल की कोई आवश्यकता नहीं है और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सेना को "कुछ समय" देने का आह्वान किया है, क्योंकि उन्होंने उनसे वादा किया था, कि “हम इसका समाधान निकाल लेंगे”। जनरल वाकर-उज़-ज़मान ने छात्र प्रदर्शनकारियों से “शांत रहने और घर वापस जाने” का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सेना के साथ चर्चा में सभी मुख्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
बांग्लादेश में शेख हसीना के भागने का जश्न
बांग्लादेश के राजनीतिक विश्लेषक मुबाशर हसन ने ढाका में उत्साही भीड़ के दृश्यों को "जश्न का क्षण, जीत का क्षण" कहा है। उन्होंने कहा कि आज "बांग्लादेश की दूसरी स्वतंत्रता" जैसा महसूस हो रहा है। हसन ने आरोप लगाया, कि "शेख हसीना ने लोगों को जबरन गायब करके और न्यायेतर तरीके से लोगों की हत्या करके भय की परंपरा शुरू की थी साथ ही किसी भी असहमति पर हिंसक कार्रवाई की है।" उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में देश ने "अंधाधुंध हत्या" देखी है, जिससे लोगों में भारी गुस्सा बन गया था।
भारत ने सीमा पर बढ़ाई सुरक्षा
बांग्लादेश में अशांति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बांग्लादेश के साथ अपनी सीमा पर “हाई अलर्ट” जारी किया है। यह घटनाक्रम बांग्लादेश की लंबे समय से प्रधानमंत्री रहीं महिला के अपनी सरकार के खिलाफ हुए घातक विरोध प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा देने और देश छोड़कर भागने के बाद हुआ है।
आर्मी चीफ ने संबोधन में क्या कहा?
राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान ने नागरिकों से सेना पर भरोसा बनाए रखने का आग्रह किया, जो देश में शांति वापस लाएगी। उन्होंने कहा, "हम पिछले कुछ हफ़्तों में हुई सभी हत्याओं की जांच करेंगे"। उन्होंने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया है और अब एक अंतरिम सरकार देश चलाएगी। उन्होंने कहा कि अब वह राष्ट्रपति से मिलने के लिए तैयार हैं।
बांग्लादेश की सेना ने क्या कहा?
सेना प्रमुख जनरल वकर-उज़-ज़मान ने घोषणा की है, कि प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपने पद से इस्तीफ़ा देने के तुरंत बाद सभी दलों की भागीदारी वाली एक अंतरिम सरकार बनाई जाएगी। उन्होंने कहा: "सभी राजनीतिक दलों के साथ सार्थक चर्चा करने के बाद, हमने एक अंतरिम सरकार बनाने का फैसला किया है। हम स्थिति को सुलझाने के लिए अब राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन से बात करेंगे।" उन्होंने विरोध के नाम पर सभी तरह की हिंसा को रोकने का आह्वान किया और वादा किया कि नई सरकार भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के दौरान हुई सभी मौतों के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी।
बांग्लादेश में जगह-जगह प्रदर्शन
मीरपुर में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। पल्लबी, मीरपुर 11 और 11.5 से जुलूस निकालकर लोग मीरपुर 10 गोल चक्कर पर एकत्र हुए। वहां से वे अगरगांव के लिए रवाना हो गये हैं। राजधानी के उत्तरा से प्रदर्शनकारियों का एक समूह बनानी की ओर आ रहा है। समूह में छात्रों और अभिभावकों के अलावा स्थानीय लोग भी हैं। वे जुलूस के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दोपहर करीब डेढ़ बजे एयरपोर्ट के टर्मिनल तीन को पार किया और आगे बढ़ गए।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने लोगों से हिंसा से बचने और उस समय तक धैर्य रखने का अनुरोध किया है। सुबह बंद किए गए ब्रॉडबैंड इंटरनेट को भी दोपहर करीब 1:30 बजे बहाल कर दिया गया। मोबाइल इंटरनेट भी दोपहर करीब 2 बजे बहाल कर दिया गया। हजारों लोगों ने शाहबाग में मोर्चा संभाल लिया है। लोग अलग-अलग जगहों से वहां आ रहे हैं।












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