हिंसक प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट का कोटा सिस्टम पर बड़ा फैसला, दोपहर बाद कर्फ्यू में भी ढील
बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों का कोटा घटाने को लेकर विरोध जारी है। इस बीच कई इलाकों में हिंसा की भी खबरें हैं। जिसमें अब तक करीब 133 लोगों की मौत हो गई। इस बीच स्थिति पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा बलों के साथ पुलिस ने मोर्चा संभाला है। बांग्लादेश में देशव्यापी कर्फ्यू जारी है। दंगाईयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। इस बीच बांग्लादेशी शरणार्थियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी बात कही है।
नौकरी कोटा विवाद को लेकर बांग्लादेश में विरोध और झड़पों के चलते सार्वजनिक और निजी शैक्षणिक संस्थानों को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में करीब 1,000 भारतीय छात्र बांग्लादेश से लौट आए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि वह पड़ोसी देश के संकटग्रस्त लोगों के लिए अपने राज्य के दरवाजे खुले रखेंगी और उन्हें आश्रय देंगी।

वहीं बांग्लादेश में सु्प्रीम कोर्ट ने बढ़ती अशांति को रोकने के लिए पूरे बांग्लादेश में शुक्रवार को कर्फ्यू में ढील दी थी। लोगों को आवश्यक काम निपटाने की अनुमति देने के लिए शनिवार दोपहर को कुछ देर के लिए कर्फ्यू हटा लिया गया। लेकिन रविवार को मामले में सुनवाई के दौरान दोपहर तीन बजे तक सख्ती बढ़ा दी थी। तीन बजे के बाद फिर से कर्फ्यू में ढील जारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
बांग्लादेश की शीर्ष अदालत ने देश में फैली हिंसा के बीच सरकारी नौकरियों में आरक्षण में कटौती कर दी है। इस हिंसा में कई लोग मारे गए हैं। हालांकि अदालत ने रिजर्वेशन सिस्टम को पूरी तरह से खत्म नहीं किया है। अटॉर्नी-जनरल ए.एम. अमीन उद्दीन ने आरक्षण को फिर से लागू करने वाले पिछले फैसले का जिक्र करते हुए कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को अवैध बताया है। सिविल सेवा की 5% नौकरियां मुक्ति योद्धा के बच्चों के लिए और 2% दूसरी कैटेगरी के लिए आरक्षित रहेंगी।












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