नेपाल के बाद अब बांग्लादेश: पीएम हसीना बोलीं, चीन के साथ संबंधों की परवाह न करे भारत
जब बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत दौरे पर आईं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों के बीच एक एतिहासिक शुरुआत करार दिया था। अब बांग्लादेश की पीएम ने भारत को घुड़की दी है और कहा है कि उसे, बांग्लादेश और चीन के बीच मजबूत होते संबंधों से परेशान होने की कोई जरूरत नहींं है।
ढाका। पिछले वर्ष जब बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत दौरे पर आईं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों के बीच एक एतिहासिक शुरुआत करार दिया था। लेकिन अब बांग्लादेश की पीएम ने भारत को घुड़की दी है और कहा है कि उसे, बांग्लादेश और चीन के बीच मजबूत होते संबंधों से परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। चीन, भारत के दो अहम पड़ोसियों नेपाल और बांग्लादेश को प्रभावित करने की कोशिशों में लगा हुआ है। बांग्लादेश से पहले नेपाल ने भी कहा है कि वह चीन के साथ संबंध मजबूत करना चाहता है।

भारत को दी सलाह
शेख हसीना ने मंगलवार को चीन और बांग्लादेश के संबंधों को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ढाका के चीन के साथ बढ़ते संबंधों को लेकर भारत को चिंता करने की जरूरत नहीं है। शेख हसीना के मुताबिक चीन के साथ बांग्लादेश का सहयोग देश के विकास के लिए काफी जरूरी है। हसीना ने कहा कि उनकी सरकार विकास को लेकर चिंतित है और हर उस देश के साथ सहयोग करने को तैयार है जो बांग्लादेश के विकास में मदद देगा। हसीना ने अपने आधिकारिक आवास पर भारतीय मीडिया के डेलीगेशन से बातचीत में यह अहम बात कही। उन्होंने कहा, 'बल्कि मेरा सुझाव तो यह है कि भारत को बांग्लादेश समेत अपने पड़ोसियों से अच्छे संबंध रखने चाहिए ताकि क्षेत्र का आगे भी विकास हो सके और हम दुनिया को दिखा सकें कि हम सब मिलकर काम करते हैं। आपको बता दें कि तीन दिवसीय बांग्लादेश-भारत मीडिया डायलॉग में शामिल होने के लिए कोलकाता और नयी दिल्ली के पत्रकार बांग्लादेश आए हुए हैं।
क्या कहा था ओली ने
नेपाल के नए प्रधानमंत्री केपी ओली ने कहा कुछ दिन पहले कहा है कि वह चीन के साथ संबंधों को और मजबूत और गहरा करना चाहते हैं। उनके मुताबिक वह चीन के साथ रिश्तों को और गहरा करने के लिए नए मौकों को तलाशेंगे। केपी ओली को हमेशा से ही चीन के लिए झुकाव रखने वाला पीएम माना जाता है। ओली जहां चीन के साथ संबंधों को और गहरा करना चाहते हैं तो वहीं भारत के साथ समझौतों में अधिक फायदा लेंगे। ओली की मानें तो बदलते समय के साथ भारत के साथ संबंधों में भी बदलाव करना चाहते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं ओली ने कहा कि भारत के साथ हमारी बेहतरीन कनेक्टिविटी है, खुले बॉर्डर हैं। यह सब तो ठीक है, हम कनेक्टिविटी और बढ़ाएंगे भी लेकिन हम यह नहीं भूल सकते कि हमारे दो पड़ोसी हैं। हम किसी एक देश पर ही निर्भर नहीं रहना चाहते न कि सिर्फ एक विकल्प पर।












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