भारत के PM नरेंद्र मोदी से कितनी कम है बांग्लादेश की PM शेख हसीना की सैलरी? जानें डिटेल स्टोरी में सबकुछ
17 करोड़ की आबादी वाले मुल्क बांग्लादेश में आज यानी रविवार को आम चुनाव हो रहे हैं। प्रधानमंत्री शेख हसीना का कार्यकाल अब पूरा हो चुका है। एक तरफ, विपक्ष बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी पार्टी समेत कई अन्य ने इस चुनाव का बहिष्कार किया है।
वहीं, बांग्लादेश अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने उम्मीद जताई है कि 12वें संसदीय राष्ट्रीय चुनाव में उनकी पार्टी जीत हासिल करेगी। चुनाव से पहले शेख हसीना ने कहा कि हम ये सुनिश्चित करेंगे कि देश में लोकतंत्र रहे और लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रहें। उधर, अटकलें लगाई जा रही हैं कि बांग्लादेश में शेख हसीना एक बार सत्ता में आ सकती हैं। खास बात यह है कि पीएम रहते हुए शेख हसीना की सैलरी भारत के पीएम नरेंद्र मोदी की तनख्वाह में जमीन आसमान का अंतर है। आइए जानते हैं शेख हसीना की सैलरी समेत सबकुछ?

कौन है शेख हसीना?
शेख हसीना बांग्लादेश के संस्थापक और पहले राष्ट्रपति बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हैं। 1968 में हसीना का निकाह प्रख्यात बंगाली वैज्ञानिक एमए वाजेद मिया से हुआ। अप्रैल 2009 में पति का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। 1960 के दशक के अंत में हसीना, ढाका विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में भी सक्रिय थीं। 1971 में मुक्ति संग्राम के दौरान विद्रोह में हिस्सा लेने के कारण हसीना और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद बांग्लादेश की आजादी हुई। 15 अगस्त, 1975 को, हसीना के पिता, मां और तीन भाइयों की उनके घर में ही कई सैन्य अधिकारियों द्वारा हत्या कर दी गई थी।
कैसे रखा राजनीति में कदम?
1981 में स्वदेश लौटने पर, हसीना लोकतंत्र की एक प्रमुख और मुखर वकील बन गईं। जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कई मौकों पर घर में नजरबंद कर दिया गया। इस बीच, संसद में विपक्ष के नेता के रूप में हसीना ने एक सीट हासिल की, जहां उन्होंने सैन्य शासन की हिंसा की निंदा की और सभी नागरिकों के लिए बुनियादी मानवाधिकारों को सुरक्षित करने के उपाय शुरू किए। दिसंबर 1990 में बांग्लादेश के अंतिम सैन्य नेता ले. जनरल हुसैन मोहम्मद इरशाद ने हसीना द्वारा जारी अल्टीमेटम और बांग्लादेश के लोगों द्वारा व्यापक समर्थन के जवाब में इस्तीफा दे दिया।
1996 में पहली बार प्रधानमंत्री चुनी गईं
जून 1996 में हसीना प्रधानमंत्री चुनी गईं। हालांकि प्रधानमंत्री के रूप में हसीना के पहले कार्यकाल के दौरान बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ी। 2001 में वह आजादी के बाद पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाली पहली प्रधानमंत्री बनीं। इसके बाद जनवरी 2009 में हसीना ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। मीडिया रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो, 2019 के चुनाव में भी हिंसा की कई घटनाएं देखी गई थीं।
भारत और बांग्लादेश PM की सैलरी में जमीन-आसमान का अंतर
फोर्ब्स मैगजीन के अनुसार, दुनिया के पॉवरफुल महिलाओं की टॉप 50 की लिस्ट में हसीना का नाम 46 नंबर पर आता है। पिछले साल के आंकडें के अनुसार, हसीना 5 मिलियन डॉलर संपत्ति की मालकिन हैं। इनकी सालाना सैलरी की बात करें तो, पीएम रहते हुए इनको 86 हजार रुपये के करीब वेतन यानी कि महज सात हजार रुपये मिलते हैं। खास बात यह है कि भारत के पीएम नरेंद्र मोदी का करीब 20 लाख रुपये सालाना वेतन है।












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