बांग्लादेश में 'ऑपरेशन डेविल हंट': 1,300 से ज्यादा गिरफ्तार, क्या है सरकार का प्लान?
Bangladesh Operation Devil Hunt: बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से अशांति का माहौल बना हुआ है। इसी बीच, देश की अंतरिम सरकार ने "ऑपरेशन डेविल हंट" नाम से एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसके तहत अब तक 1,308 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह ऑपरेशन खासतौर पर उन लोगों के खिलाफ चलाया जा रहा है, जो सरकार के मुताबिक देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।

What is Operation Devil Hunt:क्या है ऑपरेशन डेविल हंट?
यह संयुक्त बल अभियान है, जिसमें पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराधियों, हिंसा फैलाने वालों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को गिरफ्तार करना है।
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की अगुवाई में अंतरिम सरकार ने शनिवार को इस ऑपरेशन का आदेश दिया। इसके पीछे कारण यह था कि ढाका के बाहरी इलाके में अवामी लीग के नेता के घर पर हमले के बाद छात्र कार्यकर्ता घायल हो गए थे। अभियान शुरू होते ही महानगरों और अन्य हिस्सों से 24 घंटे के अंदर 274 लोगों की गिरफ्तारी हुई।
क्यों हो रही हैं इतनी गिरफ्तारियां?
गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी ने कहा कि यह अभियान तब तक चलेगा जब तक "सभी शैतानों" को खत्म नहीं कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के खिलाफ है जो:
- देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
- कानून तोड़ रहे हैं और हिंसा भड़का रहे हैं।
- अपराध और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं।
गाजीपुर में छात्रों पर हमले की घटना को लेकर सरकार सख्त हो गई है। कई मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, और बाकी को जल्द पकड़ने की योजना है।
गिरफ्तारियों का राजनीतिक कनेक्शन
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ता भी इस गिरफ्तारी अभियान की चपेट में आ रहे हैं।
- 81 कार्यकर्ताओं को गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया।
- 14 लोग घायल हुए, जब भीड़ ने गाजीपुर शहर के दक्षिणखान इलाके में हमला किया।
- पूर्व मंत्री मोजम्मेल हक के घर पर भी हमले हुए।
शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को हुए जन-विद्रोह में सत्ता से हटा दी गई थीं। उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया गया था और वह अब भारत में रह रही हैं।
बांग्लादेश में हिंसा की बढ़ती घटनाएं
बांग्लादेश में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं ने स्थिति और गंभीर बना दी है:
- प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना के समर्थकों के घरों पर हमला किया।
- 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक घर को जला दिया गया।
- ढाका और अन्य शहरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुईं।
अंतरिम सरकार इन हिंसक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कठोर कार्रवाई कर रही है।
बीएनपी पार्टी की प्रतिक्रिया
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने सरकार से "भीड़ संस्कृति" रोकने और कानून-व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
BNP ने 11 फरवरी से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। उनकी मांगें हैं,...
- हिंसा रोकने के लिए सरकार प्रभावी कदम उठाए।
- चुनावी रोडमैप तैयार किया जाए।
अंतरिम सरकार की अगली रणनीति
- 9 फरवरी से कमांड सेंटर की स्थापना कर दी गई है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
- सुरक्षा एजेंसियां और सशस्त्र बल मिलकर ऑपरेशन डेविल हंट को आगे बढ़ाएंगे।
- सरकार का कहना है कि जब तक शांति पूरी तरह बहाल नहीं होती, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।
क्या बांग्लादेश में हालात और बिगड़ सकते हैं?
- बांग्लादेश इस समय राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है।
- शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से देश में अशांति बढ़ गई है।
- अंतरिम सरकार और सुरक्षा बल सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।
- BNP और अन्य विपक्षी दल सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।
अगले कुछ दिनों में बांग्लादेश में स्थिति और भी तनावपूर्ण हो सकती है।












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