Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bangladesh हिंदुओं के खून का प्यासा? अब तक कितने मारे गए? Dhirendra Shastri बोले- 'एक नहीं हुए तो...'

Bangladesh Hindus Face Rising Violence: 'बांग्लादेश'- भारत से टूटकर बना, अब दुश्मन? यह सवाल अब सभी भारतीयों के दिलों में रौंद रहा है। 1971 में जब बांग्लादेश बना, तो यह सिर्फ एक नया देश नहीं था। यह भारत के हस्तक्षेप, बलिदान और कूटनीतिक जोखिम से जन्मी एक ऐतिहासिक सच्चाई थी। भारत ने न केवल पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों से पीड़ित बंगाली जनता को शरण दी, बल्कि लगभग 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दुनिया के नक्शे पर बांग्लादेश नामक राष्ट्र को स्थापित किया।

बांग्लादेश, जहां बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी है, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा हिंदू समुदाय वाला देश है। हालांकि, पिछले दशकों में हिंदू आबादी में लगातार गिरावट आई है। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के गिरने (अगस्त 2024) के बाद अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं। दीपू चंद्र दास की क्रूर हत्या (18 दिसंबर 2025) ने भारत में आक्रोश फैला दिया। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने चेतावनी दी कि अगर हिंदू एक नहीं हुए तो भारत में भी 'गली-गली बांग्लादेश जैसी स्थिति' हो जाएगी।

Bangladesh Hindus Face Rising Violence

फरवरी 2025 में भारत सरकार ने संसद में चिंता जताई, जबकि अंतरिम सरकार (मुहम्मद युनूस) इसे 'अतिरंजित' बता रही है। USCIRF रिपोर्ट में बांग्लादेश को विशेष चिंता वाले देशों में नहीं रखा गया। आइए, Explainer में समझते हैं- क्या है बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति, कितनी मौतें हुईं, और शास्त्री का बयान क्या संदेश दे रहा है...

Bangladesh Hindu Population: बांग्लादेश में हिंदू आबादी कितनी?

बांग्लादेश की कुल आबादी लगभग 16.51 करोड़ है, जिसमें हिंदू समुदाय की हिस्सेदारी करीब 7.95% है। यह आंकड़ा 2022 की राष्ट्रीय जनगणना से लिया गया है, जिसमें कुल 1.31 करोड़ हिंदू नागरिक दर्ज किए गए। भारत और नेपाल के बाद बांग्लादेश में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी हिंदू आबादी है, हालांकि यह प्रतिशत में काफी कम है।

बांग्लादेश को 8 डिवीजन (प्रांतों) में बांटा गया है, जहां हिंदू आबादी का वितरण असमान है। नीचे दी गई तालिका 2022 जनगणना के आधार पर हिंदू प्रतिशत और अनुमानित आबादी दिखाती है:-

क्रमांक डिवीजन हिंदू प्रतिशत (%) अनुमानित हिंदू आबादी (लाखों में)
1
सिलहट (Sylhet) 14 14.9
2
रंगपुर (Rangpur) 13 22.9
3
खुलना (Khulna) 12 20.1
4
बारिशाल (Barisal) 8.24 7.5
5
चट्टग्राम (Chittagong) 6.61 22
6
ढाका (Dhaka) 6.26 27.7
7
राजशाही (Rajshahi) 5.7 11.6
8
मयमंसिंह (Mymensingh) 3.92 4.8

यह डेटा दर्शाता है कि उत्तरी-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी डिवीजन जैसे सिलहट, रंगपुर और खुलना में हिंदू समुदाय की सांद्रता अधिक है, जबकि मयमंसिंह में सबसे कम।

जिलों के स्तर पर देखें तो बांग्लादेश के 64 जिलों में से कुछ में हिंदू आबादी 20% से अधिक है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है:-

  • गोपालगंज (ढाका डिवीजन): 26.9% से अधिक
  • मौलवीबाजार (सिलहट): 24.4% से अधिक
  • ठाकुरगांव (रंगपुर): 22.1% से अधिक
  • खुलना जिला (खुलना): 20.7% से अधिक

ये इलाके हिंदू संस्कृति, मंदिरों और त्योहारों के केंद्र हैं, लेकिन कोई भी जिला पूरी तरह हिंदू बहुल नहीं है। ऐतिहासिक रूप से, हिंदू आबादी में गिरावट जारी है। 1971 में बांग्लादेश बना। 1974 में 13.50% थी, 1981 में 12.13%, 1991 में 10.51%, 2001 में 9.60%, 2011 में 8.54 और अब 2022 में 7.95% पर पहुंच गई है। इस गिरावट का कारण धार्मिक उत्पीड़न, पलायन और संपत्ति हानि बताए जाते हैं। 2013 तक करीब 1.13 करोड़ हिंदू देश छोड़ चुके हैं।

Bangladesh Hindus Death History: बांग्लादेश हिंदुओं के खून का प्यासा?

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय लंबे समय से साम्प्रदायिक हिंसा, धार्मिक उत्पीड़न और जान-माल के नुकसान का शिकार रहा है। 1971 के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 2025 तक की घटनाएं दर्शाती हैं कि हिंदुओं को जान का खतरा बना हुआ है, खासकर राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, 2024-2025 में हिंसा में तेजी आई है, जिसमें मंदिरों पर हमले, संपत्ति की लूट, बलात्कार और हत्याएं शामिल हैं।

अब तक कितने मारे गए?

  • 1971 जेनोसाइड: कुल मौतें 2 लाख से 30 लाख, जिसमें हिंदू सबसे ज्यादा प्रभावित (लाखों में)। हिंदुओं को विशेष रूप से निशाना बनाया गया, जिसमें 80 लाख हिंदू शरणार्थी बने।
  • 1971 के बाद से 2021 तक: स्पष्ट कुल नहीं, लेकिन 2017 में 107 हिंदू मारे गए। 2021 में 4 मौतें।
  • 2022-2025: हिंसा की घटनाएं हजारों में, लेकिन मौतें दर्जन भर। 2023 में 19 हिंदू घायल, कोई स्पष्ट मौत नहीं। 2024 में कम से कम 5-20 मौतें। 2025 में जनवरी-मार्च में 5 मौतें, दिसंबर में 1 (दीपू चंद्र दास)। कुल अनुमान: 2022-2025 में 20-50 मौतें, लेकिन अप्रत्यक्ष प्रभाव (पलायन, घायल) ज्यादा।

मानवाधिकार समूह (BHBCUC) ने 2,442 घटनाएं दर्ज कीं (अगस्त 2024 से जुलाई 2025 तक)। लेकिन बांग्लादेश सरकार और कुछ फैक्ट-चेकर्स ने कई मौतों को व्यक्तिगत/अपराध से जोड़ा, न कि सांप्रदायिक। UN और USCIRF ने चिंता जताई, लेकिन USCIRF 2025 रिपोर्ट में बांग्लादेश को 'विशेष चिंता' सूची में नहीं रखा।

Dhirendra Shastri On Bangladesh: धीरेंद्र शास्त्री का बयान: 'हिंदू एक नहीं हुए तो...'

छत्तीसगढ़ में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिसंबर 2025 में कहा:-'बांग्लादेश की स्थिति चेतावनी है। अगर हिंदू एक नहीं हुए तो भारत की गली-गली में बांग्लादेश जैसा हाल होगा।' आगे कहा- 'हिंदू अब जागें, वरना देर हो जाएगी।' शास्त्री का बयान हिंदू एकता की अपील है, जो बांग्लादेश हिंसा को भारत के लिए 'सबक' बता रहा है।

खतरा है, लेकिन संख्या विवादित

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले बढ़े हैं- 23 मौतें और सैकड़ों घटनाएं पुष्ट। लेकिन कई मौतें व्यक्तिगत बताई गईं। अंतरिम सरकार गिरफ्तारियां कर रही, लेकिन अल्पसंख्यकों में डर बना है। शास्त्री का बयान भारत में हिंदू एकता की अपील है। क्या यह स्थिति सुधरेगी? आपका विचार क्या है? कमेंट्स में बताएं!

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+