तख्तापलट के एक साल बाद भी नहीं थमा Bangladesh में संकट, पूर्व आर्मी चीफ का शव संदिग्ध हालात में बरामद
Former Bangladesh Army Chief mysterious death: बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट को एक साल गुजर चुका है, लेकिन देश में अब तक शांति बहाल नहीं हो सकी है। सत्ता परिवर्तन के बाद से ही राजनीतिक अस्थिरता, हिंसा और साजिशों का सिलसिला थमा नहीं है। अब एक और चौंकाने वाली घटना ने देश की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं देश के पूर्व सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एम. हारुन-अर-रशीद की रहस्यमयी मौत।
पूर्व आर्मी चीफ का शव चटगांव क्लब के एक कमरे में संदिग्ध हालात में पाया गया है, जिससे पूरे देश में हलचल मच गई है।

अदालत में पेशी के लिए पहुंचे थे जनरल हारुन
पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली थाने की टीम मौके पर पहुंची। इसके तुरंत बाद पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की टीमें भी जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंचीं। बताया गया कि जनरल हारुन रविवार को ढाका से एक अदालत में पेशी के लिए चटगांव पहुंचे थे। हालांकि तय समय पर कोर्ट न पहुंचने और फोन कॉल्स का जवाब न देने के चलते क्लब प्रशासन को शक हुआ। जब कर्मचारी उनके कमरे में पहुंचे, तो वह मृत अवस्था में पाए गए।
ये भी पढ़ें Bangladesh में अप्रैल 2026 में होंगे चुनाव, कोई बड़ा गेम करना चाहते हैं मोहम्मद यूनुस?
पूर्व सेना प्रमुख की मौत पर कई सवाल
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, 77 वर्षीय हारुन की मौत का फिलहाल कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस और परिवार को संदेह है कि ब्रेन हैमरेज के चलते उनकी मौत हुई होगी, लेकिन अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगी। उनका शव फिलहाल कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) भेजा गया है।
2000 से 2002 तक बांग्लादेश सेना के प्रमुख रहे
हारुन-अर-रशीद 2000 से 2002 तक बांग्लादेश सेना के प्रमुख रहे थे। चटगांव के हथजारी क्षेत्र में जन्मे हारुन को मुक्ति संग्राम में योगदान के लिए 'बीर प्रोतिक' सम्मान से नवाजा गया था। वे डेस्टिनी ग्रुप नामक एक विवादित कंपनी के चेयरमैन भी थे और इसी कंपनी से जुड़े एक आर्थिक घोटाले के मामले में कोर्ट में पेशी के लिए चटगांव आए थे। उनकी मौत ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, जहां पहले ही अस्थिरता और अविश्वास का माहौल है।
ये भी पढ़ें Bangladesh के हिंदुओं का यूनुस सरकार को अल्टीमेटम, 'जब तक आरक्षण नहीं तब तक वोट नहीं'












Click it and Unblock the Notifications