बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन अब 'हिंदू' विरोध में बदला, प्रदर्शनकारी माइक लेकर दे रहे ऐसी-ऐसी धमकी
Bangladesh Violence: पड़ोसी देश बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर लोगों ने शेख हसीना सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। स्थिति यह कि देशभर में बड़े पैमाने पर हिंसा हो रही है। सरकारी नौकरियों की कमी से आक्रोशित प्रदर्शनकारी आरक्षण प्रणाली को खत्म करने की मांग कर रही है। इस बीच अब आरक्षण के खिलाफ जारी प्रदर्शन बांग्लादेश में हिंदुओं के विरोध में बदलता जा रहा है।
दरअसल, 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले लोगों के परिवार को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जाता था। जिसके खिलाफ अब लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया, लेकिन इस बीच कुछ ऐसी वीडियोज भी सामने आई है, जो इस बात की तस्दीक कर रहा है कि यह विरोध प्रदर्शन अब हिंदू विरोधी होते जा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर बांग्लादेश से वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि आरक्षण के विरोध में जारी हिंसा अब हिंदुओं के खिलाफ में बदलती जा रही है। यहां तक बताया जा रहा है कि हिंसा की आड़ में प्रदर्शनकारी हिंदू लोगों का घर तक फूंक रहे है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक जितेंद्र प्रताप सिंह नाम के यूजर ने वीडियो पोस्ट किया है, जिसे लेकर उन्होंने दावा किया है कि बांग्लादेश में जारी हिंसक प्रदर्शन अब भारत विरोध और हिंदू विरोध में बदल दिया गया है।
'जिनके चाचा का घर भारत है...'
उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा-"बांग्लादेश में जो आरक्षण विरोध का हिंसा चल रहा है उसे अब भारत विरोध और हिंदू विरोध में बदल दिया गया। यह प्रदर्शनकारी माइक पर बोल रहा है- "भारत जादेर मामार बारी, बांग्ला छारो तारा तारी" यानी "जिनके चाचा का घर भारत है, वे बांग्लादेश को जल्दी से छोड़ दें।"
दावा-हिंसा की आड़ में फूंके जा रहे हिंदू घर
यूजर ने दावा करते हुए लिखा कि पता चल रहा है कि बांग्लादेश में जो थोड़े बहुत हिंदू बच गए हैं इस हिंसा की आड़ लेकर उनके घर फूंके जा रहे हैं उन पर हमला किया जा रहा है और पूरे बांग्लादेश में भारत विरोधी माहौल बनाया जा रहा है।
आपको बता दें कि बांग्लादेश में जारी आरक्षण के खिलाफ हिंसा में अब तक 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इस हिंसा के चलते अब तक 4 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र स्वदेश लौट आए हैं। वहीं देश में आरक्षण को लेकर मचे बवाल के बीच बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण रविवार को घटा दिया।












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