SCO Summit को बर्बाद करने के लिए बलूचिस्तान में आतंकवादी हमले, पाकिस्तान के गृह मंत्री के निशाने पर भारत?
SCO Summit: बलूचिस्तान में एक बाद एक हो रहे खतरनाक हमलों ने पाकिस्तान की नाक में दम कर दिया है और दशकों तक आतंकवादियों को पालने वाले इस देश का अब हर दिन खून बह रहा है। बलूचिस्तान के आजादी समर्थकों ने चीनी प्रोजेक्ट्स को राज्य से बाहर निकालने की सीधी चेतावनी दे दी है।
पिछले हफ्ते ही बलूचिस्तान समर्थक आजादी समूहों के हमले में पाकिस्तान में 100 से ज्यादा लोगों को मार दिया गया है, जिसके बाद देश के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने आरोप लगाया है, कि इस क्षेत्र में हाल ही में हुए आतंकी हमलों की सिरीज शंघाई सहयोग संगठन (SCO Summit) के आगामी शिखर सम्मेलन को 'बर्बाद करने की योजना' थी।

पाकिस्तान 15 और 16 अक्टूबर को अपनी अध्यक्षता में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला है। और शुक्रवार को पाकिस्तानी सीनेट को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने दावा किया है, कि हाल के हमलों का स्पष्ट संबंध आगामी एससीओ शिखर सम्मेलन को "बर्बाद करने की साजिश" से है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक सीनेट में अपने संबोधन के दौरान नकवी ने कहा, कि "हमने स्पष्ट लिंक की पहचान की है, जो दिखाते हैं कि उन्होंने (आतंकवादियों ने) एससीओ सम्मेलन को बर्बाद करने की योजना बनाई थी।"
पाकिस्तानी मंत्री ने आगे कहा, कि "बहुत से लोग (एससीओ बैठक को लेकर) इस बात से दुखी हैं, कि इसका आयोजन पाकिस्तान में नहीं होना चाहिए।" उन्होंने हमलों को "शिखर सम्मेलन के खिलाफ साजिश" बताया। ऐसा माना जा रहा है, कि ये निशाना भारत की तरफ था।
SCO को बर्बाद करने की साजिश या बहानेबाजी?
पाकिस्तान के गृहमंत्री नकवी ने इस बात पर जोर दिया, कि बलूचिस्तान में हमले सिर्फ एक संस्था द्वारा नहीं, बल्कि "आतंकवादी संगठनों ने मिलकर किए थे।"
सीनेटर ने बताया, कि "26 अगस्त की रात की घटना कोई सामान्य घटना नहीं थी। इसके पीछे पूरी योजना थी।" मामले पर दूसरे सीनेटर की टिप्पणी का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने स्पष्ट किया, "कोई (सैन्य) अभियान नहीं चलाया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, कि "जो लोग पाकिस्तान को स्वीकार करते हैं, हम उनका बहुत स्वागत करेंगे। वे हमारे लिए बहुत सम्मानीय हैं, हालांकि (हमारे साथ) मतभेद हो सकते हैं, जिन्हें हम दूर करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और करेंगे।"
नकवी ने कहा, "जो लोग राज्य को स्वीकार नहीं करते और हथियार उठाते हैं, वे आतंकवादी हैं और हम उनसे निपटेंगे।"
बलूचिस्तान में लगातार हो रहे आतंकी हमले
पाकिस्तान प्रशासित क्षेत्र बलूचिस्तान में कई भयानक हमले हुए हैं, और 26 अगस्त को हुए हमले में 50 से ज्यादा नागरिक और 14 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) से जुड़े आतंकवादियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। वहीं, एक अन्य घटना में, बलूचिस्तान के मूसाखेल के राराशाम इलाके में यात्री बसों और ट्रकों से उतार कर कम से कम 23 यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इतना ही नहीं, बलूचिस्तान के ही कलात में बंदूक से किए गए हमले में पुलिस और लेवी कर्मियों समेत कम से कम 10 लोग मारे गए। इसके अलावा, कम से कम 21 आतंकवादियों को मार गिराने वाले अभियान के दौरान कम से कम 14 लोग, 10 सुरक्षा बल के जवान और कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEA) के चार कर्मी मारे गए।
शुक्रवार को संसदीय सत्र के दौरान नकवी ने सीनेट को बताया, कि बलूचिस्तान के लिए 8 बिलियन पाकिस्तानी रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि प्रांत के आतंकवाद निरोधक विभाग (CTD) को 5 बिलियन पाकिस्तानी रुपये दिए गए हैं। सीनेटर ने बताया कि यह पैसा "स्थानीय MNA और MPAs के सहयोग से छोटे-मोटे मुद्दों को हल करेगा।"












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