ब्रिटिश पीएम के भारत आने से पहले भारतीयों के लिए आई एक बैड न्यूज
ब्रिटेन ने की नई वीजा नीति की घोषणा सबसे ज्यादा होंगे भारतीय आईटी प्रोेफेशनल्स प्रभावित।
लंदन। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे छह नवंबर को अपनी भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंचेंगी। लेकिन उनके आने से पहले भारतीयों के लिए एक बैड न्यूज भारत आ गई है। शरणार्थियों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाने ने ब्रिटेन ने एक नई वीजा नीति की घोषणा की है।

गैर-यूूरोपियन को होगा नुकसान
खास बात है कि इस नई नीति से भारत के आईटी प्रोफेशनल्स पर खासा असर पड़ेगा। ब्रिटेन की यह नीति खास तौर पर गैर-यूरोपियन नागरिकों के लिए है।
ब्रिटेन की इस नई वीजा नीति के तहत अगर कोई 24 नवंबर के बाद टीयर 2 इंट्रा-कंपनी ट्रांसफर यानी आईसीटी कैटेगरी के लिए अप्लाई कर रहा है तो उसकी सैलरी कम से कम 30,000 पाउंड होनी चाहिए। तभी उसका आवेदन मान्य होगा। इससे पहले 28,800 पाउंड की सैलरी वाले व्यक्ति को ब्रिटेन का वीजा मिल सकता था।
90 प्रतिशत भारतीय करते वीजा के लिए अप्लाई
ब्रिटिश गृह मंत्रालय की ओर से इस नए नियम का ऐलान किया गया है। आईसीटी वह जरिया है जिसका प्रयोग सबसे ज्यादा वे भारतीय करते हैं जो ब्रिटेन में आईटी कंपनियों को संचालित करते हैं।
यूके की शरणार्थी कमेटी यानी मैक की ओर से कुछ दिनों पहले इस बात की जानकारी दी गई थी कि करीब 90 प्रतिशत भारतीय इस रास्ते से वीजा के लिए अप्लाई करते हैं।
मार्च में हुई थी घोषणा
यूके गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि टीयर 2 में पहले दो चरणों में होने वाले बदलाव के बारे में मार्च में घोषणा की गई थी। इसका ऐलान एडवाइजरी कमेटी की ओर से हुए एक रिव्यू के बाद किया गया था।
यूके गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि यह बदलाव 24 नवंबर के बाद होने वाले वीजा आवेदनों पर खासा प्रभाव डालेगा।












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