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उंगली में तिलिस्मी रत्न, चाय, सिगार और उर्दू शायरी का शौक! पावरफुल लीडर से अलग कैसी थी खामेनेई की शख्सियत?

Ayatollah Khamenei: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब इस दुनिया में नहीं रहे। अमेरिका और इजरायल के हमले में उनकी मौत की खबर सामने आई है, जिसने पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। करीब 36 साल तक उन्होंने ईरान की सत्ता संभाली और देश की राजनीति, धर्म और विदेश नीति पर मजबूत पकड़ बनाए रखी। शिया बहुल ईरान में उनकी बात आखिरी मानी जाती थी और उन्होंने देश को कई गंभीर संकटों से उबारा।

खामेनेई का व्यक्तित्व विरोधाभासों से भरा था। वो एक साधारण जीवन शैली के लिए जाने जाते थे, लेकिन साथ ही ईरान के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति थे, जिसके पास अरबों डॉलर का आर्थिक साम्राज्य और सेना पर पूर्ण नियंत्रण था। उनके निधन से ईरान की आंतरिक स्थिति और क्षेत्रीय भू-राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

Ayatollah Khamenei

सादा घर, लेकिन असीमित ताकत

अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में कहा जाता था कि वह तेहरान में एक बेहद साधारण घर में रहते थे। उनके घर में पुराना फर्नीचर और सालों पुराने कालीन होने की बातें अक्सर सामने आती थीं। उनके करीबी लोगों का दावा था कि निजी खर्च के लिए वह सरकारी खजाने की बजाय धार्मिक दान यानी 'खुम्स' पर निर्भर रहते थे। दूसरी ओर, उनके पास अपार शक्ति भी थी। उनका दफ्तर 'बयात-ए-रहबरी' सत्ता का असली केंद्र माना जाता था, जहां से वह देश के सभी बड़े फैसले लेते थे।

अरबों डॉलर का निजी साम्राज्य

खामेनेई के नियंत्रण में 'सेताद' (Setad) नाम का एक विशाल संगठन था, जो उनकी आर्थिक ताकत का मुख्य स्रोत था। यह संस्था जब्त की गई संपत्तियों, रियल एस्टेट, तेल और अन्य प्रमुख उद्योगों में निवेश करती थी। रिपोर्टों के अनुसार, सेताद की संपत्ति अरबों डॉलर में बताई जाती है।

इस संगठन पर संसद या किसी अन्य सरकारी संस्था की सीधी निगरानी नहीं थी, यही वजह है कि खामेनेई की सादगी और आर्थिक ताकत को लेकर अक्सर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस होती रही।

उर्दू शायरी से लेकर नई तकनीक तक

धार्मिक नेता होने के अलावा, खामेनेई के निजी जीवन के कई रंग थे।

  • साहित्य प्रेमी: उन्हें भाषाओं और साहित्य में गहरी रुचि थी। वह फारसी और अरबी के साथ उर्दू भी समझते थे। भारतीय उपमहाद्वीप के मशहूर शायर अल्लामा इकबाल की शायरी उन्हें खास तौर पर पसंद थी।
  • शौक: उन्हें चाय पीना पसंद था। साथ ही वह कभी-कभी पाइप भी पीते थे, हालांकि बाद में सेहत को देखते हुए इसे कम कर दिया। उनके पास चश्मों और छड़ियों का अच्छा खासा संग्रह था।
  • तकनीक में सक्रिय: धार्मिक विचारों के समर्थक होने के बावजूद, खामेनेई नई तकनीक से जुड़े रहे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर उनके कई भाषाओं में अकाउंट सक्रिय थे, जिनके जरिए उनके संदेश दुनिया भर में समर्थकों तक पहुंचते थे।

खामेनेई की मौत, परिवार में अब कौन-कौन?

खामेनेई के परिवार में पत्नी, चार बेटे और दो बेटियां हैं। खामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई को परिवार का सबसे प्रभावशाली सदस्य माना जाता है। उन पर विदेशों में बड़ी संपत्ति रखने के आरोप लगते रहे हैं, हालांकि इन दावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आती रही हैं।

हमले की पृष्ठभूमि

यह हमला ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव का परिणाम है। खामेनेई ईरान की विदेश नीति के बड़े फैसलों, विशेष रूप से परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय मिलिशिया के समर्थन में अहम भूमिका निभाते थे। उनकी मौत के बाद, ईरान के सर्वोच्च पद को लेकर संघर्ष और क्षेत्रीय राजनीति में नए और नाटकीय बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

With AI Inputs

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