470 से अधिक भारतीय छात्र यूक्रेन से निकलेंगे बाहर, रोमानिया में करेंगे प्रवेश
कीव, 25 फरवरी: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारत सरकार ने वैकल्पिक रास्ता निकाल लिया है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने कहा है कि भारत के 470 से अधिक छात्र आज पोरुब्ने-सिरेट सीमा के जरिए यूक्रेन से बसों के जरिए रोमानिया के लिए रवाना हो गए हैं। दूतावास ने कहा कि हम सीमा पर मिले भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए उन्हें पड़ोसी देशों में पहुंचा रहे हैं। आंतरिक इलाकों से आने वाले भारतीयों को दूसरे स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने कहा 'आज दोपहर 470 से अधिक छात्र यूक्रेन से बाहर निकलेंगे और पोरबने-सिरेट सीमा के माध्यम से रोमानिया में प्रवेश करेंगे। हम सीमा पर स्थित भारतीयों को आगे की निकासी के लिए पड़ोसी देशों में ले जा रहे हैं। भीतरी इलाकों से आने वाले भारतीयों को स्थानांतरित करने के प्रयास जारी है। शुक्रवार को यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने बताया कि बॉर्डर पर जुटे भारतीयों को आगे की निकासी के लिए पड़ोसी देशों में ले जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पश्चिमी यूक्रेन के लीव और चेर्निवित्सी शहरों में कैम्प कार्यालय स्थापित किया ताकि वहां से भारतीयों को हंगरी, रोमानिया और पोलैंड के लिए पारगमन सुविधा प्रदान की जा सके। सूत्रों ने यह जानकारी दी। समझा जाता है कि लीव का कैम्प कार्यालय भारतीयों को निकालकर पोलैंड और हंगरी ले जाने में समन्वय करेगा जबकि चेर्निवित्सी से रोमानिया ले जाने के लिये सुविधा प्रदान की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि रूसी भाषा बोलने वाले अतिरिक्त अधिकारियों को इन कैम्प कार्यालयों में भेजा जा रहा है ताकि यूक्रेन से भारतीयों के निकालने का लेकर समन्वय स्थापित किया जा सके। एक सूत्र ने बताया, 'अधिकारी इन शहरों तक पहुंचने वाले भारतीय नागरिकों की मदद कर रहे हैं। वे इनसे लगी सीमा चौकियों के जरिये यूक्रेन से निकलने में सहायता करेंगे।'
पोलैंड की राजधानी वॉर्सा में स्थित भारतीय दूतावास की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सार्वजनिक वाहन से पोलैंड-यूक्रेन सीमा पर पहुंचने वाले भारतीय नागरिकों को शेहिनी-मेड्यका सीमा पार करने के लिए कहा गया है।












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