Astronaut अगर अंतरिक्ष में मर जाए तो डेड बॉडी का क्या होगा? NASA का प्रोटोकॉल जानिए
Astronaut अगर अंतरिक्ष में मर जाए तो उसकी डेडबॉडी का क्या होता है? इस सवाल पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी- NASA का प्रोटोकॉल काफी स्पष्ट है। अब तक अंतरिक्ष में केवल 20 लोगों की ही मौत हुई है।
दरअसल, अंतरिक्ष यात्रा दो-तीन दशकों में आम लोगों के बीच भी रोचक विषय बनकर उभरा है। बढ़ती अंतरिक्ष यात्रा के साथ-साथ रास्ते में या अंतरिक्ष में किसी Astronaut की मौत की आशंका बढ़ रही है।

भले ही अंतरिक्ष यात्रा असाधारण रूप से कठिन और खतरनाक ख्याल हो, लेकिन खगोल वैज्ञानिक ब्रह्मांड से जुड़े रहस्यों की खोज में लगातार जुड़े रहते हैं।केवल 60 साल पहले शुरू हुआ अंतरिक्ष शोध के दौरान अब तक 20 लोगों की मौत हुई है।
1986 और 2003 की नासा अंतरिक्ष शटल त्रासदी में 14 Astronaut की मौत हुई थी। 1971 के सोयुज 11 मिशन के दौरान तीन अंतरिक्ष यात्री, और 1967 में अपोलो 1 लॉन्च पैड की आग में तीन अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे।
सदस्य की मौत के बावजूद टीम की सुरक्षा जरूरी
इन आंकड़ों से इतर 'अंतरिक्ष में मौत' सवाल पर NASA का प्रोटोकॉल जानना बेहद रोचक है। यदि कोई अंतरिक्ष में मर जाता है - तो डेड बॉडी का क्या होगा? इस पर नासा का कहना है कि दल के सदस्य की मौत की स्थिति में Astronaut की टीम की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है।
चंद्रमा और मंगल ग्रह पर मृत्यु
अंतरिक्ष चिकित्सक Astronaut को स्वस्थ रखने के नए तरीकों की लगातार खोज कर रहे हैं। कन्वर्सेशन पत्रिका में अंतरिक्ष चिकित्सा और आपातकालीन चिकित्सा के प्रोफेसर, इमैनुएल उरक्विएटा ने कुछ सवालों के जवाब दिए हैं।
बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन में कार्यरत इमैनुएल ने बताया, ट्रांसलेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस हेल्थ की उनकी टीम अंतरिक्ष में जाने वाले रिसर्चर को स्वस्थ रखने का हरसंभव प्रयास करती है।
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर मौत, आगे क्या होगा?
अंतरिक्ष में मृत्यु से कैसे निपटा जाएगा? इस सवाल पर उनका कहना है कि यदि कोई कम-पृथ्वी-कक्षा मिशन (low-Earth-orbit mission) पर मर जाए, उदाहरण के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर- ऐसे में चालक दल कुछ घंटों के भीतर कैप्सूल की मदद से डेडबॉडी पृथ्वी पर वापस ला सकते हैं।
इमैनुएल बताते हैं कि यदि हादसा मून मिशन के दौरान हुआ, मौत चंद्रमा की सतह पर हो, तो Astronaut की टीम कुछ ही दिनों में शव के साथ धरती पर वापस लौट सकती है। NASA ने अंतरिक्ष मिशन की संवेदनशीलता के मद्देनजर विस्तृत प्रोटोकॉल बनाए हैं।
मंगल ग्रह पर मौत पर क्या?
प्रोफेसर इमैनुएल के अनुसार, डेड बॉडी शरीर का संरक्षण नासा की प्रमुख चिंता नहीं; पहली प्राथमिकता शेष दल का सुरक्षित पृथ्वी पर लौटना है। यदि मंगल ग्रह की 300 मिलियन मील की यात्रा के दौरान किसी अंतरिक्ष यात्री की मृत्यु हो जाए तो चीजें अलग होंगी।
मंगल ग्रह पर मौत की स्थिति में Astronaut की टीम वापस नहीं लौट सकती। ऐसी स्थिति में मिशन के खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा। यानी चालक दल कुछ साल बाद शव के साथ पृथ्वी पर लौट सकता है।
मंगल पर मौत की स्थिति में धरती पर लौटने से पहले चालक दल शव को एक अलग कक्ष या विशेष बॉडी बैग में संरक्षित करेगा। अंतरिक्ष यान के अंदर स्थिर तापमान और आर्द्रता शरीर को संरक्षित करने में मदद करेगी।
हालांकि, मंगल पर मौत वाली स्थिति केवल तभी लागू होगी जब किसी की मृत्यु अंतरिक्ष स्टेशन या अंतरिक्ष यान जैसे दबाव वाले वातावरण में हुई हो। यदि कोई व्यक्ति बिना स्पेससूट की सुरक्षा के अंतरिक्ष में कदम रखे तो क्या होगा?
NASA के अनुसार, स्पेस सूट के अभाव में अंतरिक्ष यात्री लगभग तुरंत मर जाएगा। दबाव कम होने और अंतरिक्ष के वातावरण में अंतरिक्ष यात्री के लिए सांस लेना असंभव हो जाएगा, और रक्त और शरीर के अन्य तरल पदार्थ उबलने लगेंगे।
यदि कोई अंतरिक्ष यात्री बिना स्पेससूट के चंद्रमा या मंगल ग्रह पर निकल जाए तो क्या होगा? इस सवाल पर NASA का कहना है कि चंद्रमा पर लगभग कोई वायुमंडल नहीं है - बहुत ही कम मात्रा में। मंगल ग्रह का वातावरण बहुत पतला है, और लगभग कोई ऑक्सीजन नहीं है।
ऐसे में स्पेससूट न पहनने पर Astronaut के साथ वैसा ही परिणाम होगा जैसा खुली जगह में रहने पर होगा। अंतरिक्ष यात्री को घुटन और उबलते हुए खून की परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
दफनाने के बारे में क्या है NASA का प्रोटोकॉल?
मान लीजिए कि अंतरिक्ष यात्री की मंगल की सतह पर उतरने के बाद मृत्यु हो गई। इस पर प्रोफेसर इमैनुएल बताते हैं कि दाह-संस्कार नहीं किया जा सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि डेड बॉडी को बचाने के अलावा पूरी टीम के लिए बहुत अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है।
जीवित दल को अन्य जरूरतों के लिए ऊर्जा चाहिए। डेड बॉडी दफनाना भी अच्छा विचार नहीं, क्योंकि शरीर से बैक्टीरिया और अन्य जीव मंगल ग्रह की सतह को दूषित कर सकते हैं। इसके बजाय, चालक दल संभवतः शव को एक विशेष बॉडी बैग में तब तक सुरक्षित रखेगा जब तक कि उसे पृथ्वी पर वापस नहीं लाया जा सके।
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