पृथ्वी के करीब 22000 kmph की रफ्तार से आ रही 'आफत'! साइज 460 फीट, जानिए क्या होगा असर

पृथ्वी के करीब से गुजरने वाला एस्टेरॉयड हमारे ग्रह से 18 लाख किमी के दायरे में है। इसकी मौजूदा गति की दिशा को लेकर साइंटिस्ट्स ने अहम बातें कही हैं।

Asteroid towards Earth

Asteroid towards Earth: पृथ्वी के इतिहास में क्षुद्रग्रहों (Asteroids) की गति काफी डराने वाली रही है। करोड़ों वर्ष पूर्व हुए धरती पर एक महाविनाश के जो संकेत मिले हैं उसका कारण एस्टेरॉयड ही माने जाते हैं। ऐसे में धरती के लिए क्षुद्रग्रह बड़े दुश्मन के रुप में जाने जाते हैं। साइंटिस्ट्स के ताजा विश्लेषण के मुताबिक एक एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब से गुजरने वाला है।

नए एस्टेरॉयड 2 पहले खोज

नए एस्टेरॉयड 2 पहले खोज

पृथ्वी के आसपास आने वाले वाले सभी एस्टेरॉयड्स पर स्पेस साइंटिस्ट्स की कड़ी नजर रहती है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा पैन-स्टारआरएस, कैटालिना स्काई सर्वे और नेवाइस टेलीस्कोप जैसे वेधशालाओं और टेलीस्कोप से डेटा का विश्लेषण के मदद से एस्टेरॉयड्स की गति का पता लगाती है। स्पेस एजेंसी के साइंटिस्ट्स ने एक नए एस्टेरॉयड की खोज की थी। जिसका नाम Asteroid 2021 AE रखा गया। ये एस्टेरॉयड दो साल पहले यानी वर्ष 2021 में खोजा गया था।

कहां है ये एस्टेरॉयड?

कहां है ये एस्टेरॉयड?

धरती को ताजा खतरा Asteroid नाम के Asteroid 2021 AE से है। 3 फरवरी तक यह ऐस्टरॉइड पृथ्वी के 18 लाख किलोमीटर के दायरे में आ चुका है। नासा के अनुसार, इसका व्यास लगभग 460 फीट है। यह एक ऐसी कक्षा में यात्रा कर रहा जो इसे मंगल और शुक्र के बीच से सूर्य की कक्षा के निकट ले जाएगा।

22,186 kmh की रफ्तार

22,186 kmh की रफ्तार

नासा एस्टेरॉयड्स की गति से जुड़ा अहम डेटा विश्लेषण किया है। जो नासा के जेम्स वेब टेलीस्कोप के डेटा को लेकर है। नासा के मुताबिक एस्टेरॉयड 2021 AE के आज 22,186 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गति कर रहा है। इससे पृथ्वी के काफी नजदीक आने की उम्मीद है।

क्या होगा असर

क्या होगा असर

साइंटिस्ट्स ने कहा है ऐस्टेरॉयड की मौजूदा गति की दिशा को देखते हुए इससे पृथ्वी से टकराने की उम्मीद बहुत कम है। ये मंगल और शुक्र के बीच से आगे बढ़ेगा। इस दौरान ये पृथ्वी से निकट भी पहुंचेगा।

NASA ने खत्म किया था क्षुद्रग्रह

NASA ने खत्म किया था क्षुद्रग्रह

नासा ने पिछले साल के अंत में DART मिशन पूरा किया गया था। जिसका उद्देश्य भविष्य में एस्टेरॉयड्स से होने वाले खतरों से पृथ्वी को बचाना है। DART का सफल परीक्षण पृथ्वी की ऐसे खतरों से बचाने के लिए अमह माना जा रहा है। नासा ने मिशन की सफलता के बाद कहा कि भविष्य में पृथ्वी की ओर स्पेस से आने वाली किसी भी बड़ी चट्टान को रोकने की योजना पर कार्य किया जाएगा।

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