Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

BRICS में शामिल नहीं होगा अर्जेंटीना, राष्ट्रपति मिलेई बोले- हत्यारे चीन के साथ काम नहीं करना

हाइलाइट्स

  • BRICS में शामिल नहीं होगा अर्जेंटीना
  • 1 जनवरी को शामिल होने वाला था अर्जेंटीना
  • जेवियर मिलेई ने चीन को दिया बड़ा झटका
Argentina BRICS Membership Refusal

अर्जेंटीना ने ब्रिक्स ग्रुप में शामिल होने से इनकार कर दिया है। वादे के अनुरूप देश के नए राष्ट्रपति जेवियर मिलेई (हावियेर मिलेई) ने नए सदस्य देशों की सूची से अर्जेंटीना का नाम हटा लिया है। इसके लिए उन्होंने भारत सहित दूसरे ब्रिक्स नेताओं को चिट्ठी लिखी है।

सदस्यता के लिए सही समय नहीं

राष्ट्रपति जेवियर मिलेई (हावियेर मिलेई) ने अपनी चिठ्ठी में अर्जेंटीना को ब्रिक्स में शामिल करने की शुरू हुई प्रक्रिया को बंद करने का आग्रह किया है। माइली का कहना है कि यह सदस्यता के लिए ठीक समय नहीं है।

3 दिन पूर्व किया ऐलान

मिलेई ने कहा कि अर्जेंटीना के लिए फिलहाल ब्रिक्स का सदस्य बनना सही नहीं है, लेकिन हम ट्रेड और इनवेस्टमेंट फ्लो बढ़ाने के लिए इस संगठन के साथ द्विपक्षीय संबंध बनाए रखना चाहते हैं। ब्रिक्स में औपचारिक रूप से शामिल होने से महज 3 दिन पूर्व मिलेई ने सभी देशों को यह जानकारी देकर चौंका दिया।

पश्चिमी देशों संग बढाएंगे नजदीकी

पश्चिम के साथ घनिष्ठ संबंधों को आगे बढ़ाने के अपने अभियान के वादे को पूरा करते हुए, माइली ने ब्रिक्स देशों के नेताओं को 22 दिसंबर को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसे अब जारी किया गया है। मिलेई ने रूस, ब्राजील, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीकी नेताओं को लिखा, वह एक ऐसी विदेश नीति अपनाएंगे जो पश्चिमी देशों के साथ एकजुटता दिखाए और आगे बढ़े।

ब्रिक्स में हो जाएंगे 10 देश

आपको बता दें कि कल यानी 1 जनवरी 2024 से 6 नए देशों को ब्रिक्स का सदस्य बनाना था। ये 6 देश - अर्जेंटीना, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, इजिप्ट और यूएई थे। हालांकि अर्जेंटीना के नाम वापसी के बाद कुल पांच ही नए देश ब्रिक्स का हिस्सा बन पाएंगे। इस तरह ब्रिक्स में शामिल होने वाले देशों की कुल संख्या 10 हो जाएगी।

चीन को मिला झटका

आपको बता दें कि अर्जेंटीना में नवंबर में राष्ट्रपति पद के चुनाव हुए थे। इसमें कट्टर दक्षिणपंथी नेता जेवियर (हावियेर) मिलेई ने जीत हासिल की। इस चुनाव में उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति और वामपंथी नेता सर्जियो मासा को हराया। मासा के कार्यकाल में ही अगस्त 2023 अर्जेंटीना ने ब्रिक्स का सदस्य बनने के लिए आवेदन दिया था। इसमें उन्हें चीन का भरपूर सहयोग मिला था।

चुनावी सभा में किया ऐलान

जेवियर मिलेई अपनी चुनावी सभाओं में कहा करते थे कि वह अगर देश के राष्ट्रपति बन जाते हैं तो वे ब्रिक्स में अर्जेटीना को नहीं शामिल होने देंगे। आपको बता दें कि मिलेई घनघोर चीन विरोधी नेता हैं। राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार के वक्त उन्होंने चीनी सरकार को हत्यारा भी कहा था।

माइली ने कभी भी कम्युनिस्ट के साथ काम न करने का वादा किया था। अपनी चुनावी रैली के दौरान मिलेई ने कहा था कि वे जियो-पॉलिटिकल लेवल पर अमेरिका और इजराइल के साथ हैं। वे कभी भी कम्युनिस्ट्स के सहयोगी नहीं बनेंगे।

आपको बता दें कि ब्राजील और चीन इस वक्त अर्जेंटीना के 2 सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर हैं। इसके बावजूद मिलेई ने इन दोनों देशों से ये पार्टनरशिप खत्म करने का वादा किया था। अर्जेंटीना के पड़ोस ब्राजील में भी लूला डी-सिल्वा की वामपंथी सरकार काबिज है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+