ISIS से निपटने के लिए कई अरब देशों ने थामा अमेरिका का हाथ
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आईएसआईएस को खत्म करने की कसम खा ली है। लिहाजा, इसके लिए अमेरिका पूरी तैयारी कर रहा है। लेकिन आईएस जैसे ताकतवर आतंकवादी संगठन के खात्मे के लिए अमेरिका को अन्य देशों के बराबर सहयोग की जरूरत है। ओबामा ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का एलान किया है। वहीं, अमरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी चरमपंथियों के खिलाफ क्षेत्रीय गठबंधन तैयार कर रहे हैं।

दस अरब देश अमेरिका के साथ
आईएसआईएस से जारी युद्ध में ब्रिटेन समेत दस अरब देशों ने अमेरिका का हाथ थामा है। इस्लामिक स्टेट के जिहादियों के खतरे से निपटने के लिए अमेरिका और सऊदी अरब समेत दस अरब देशों में सहमति बन गई है। अरब देशों के मंत्रियों और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉ़न केरी के बीच जेद्दाह में हुई बातचीत में ये सहमति बनी है। सऊदी अरब के साथ-साथ बहरीन, मिस्र, इराक़, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात ने अमेरिका का साथ देने की सहमति दिखाई है।
काहिरा में रविवार को हुई बैठक में मंत्रियों ने चरमपंथी संगठनों को किसी भी तरह की वित्तीय सहायता या राजनीतिक रियायतें न देने पर सहमति जताई थी। अमेरिका और अरब देशों ने बातचीत के बाद बयान जारी किया जिसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ़ एक रणनीति पर चर्चा की ताकि ''इराक़ और सीरिया समेत जहां कहीं भी इस्लामिक स्टेट हो उसे नष्ट किया जा सके।''
रूस ने अमेरिका को दी चेतावनी
वहीं, रूस ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका, सीरिया में चरमपंथियों के खिलाफ आक्रमण करता है तो ये 'अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन' होगा। रूसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अगर संयुक्त राष्ट्र के समर्थन के बिना अमेरिका ऐसी कोई कार्रवाई करता है तो ये ‘आक्रमण की कार्रवाई' माना जाएगा।
गौरतलब है कि, इस्लामिक स्टेट ने उत्तरी इराक़ और सीरिया के बड़े इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर लिया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को आईएस के खिलाफ रणनीति की घोषणा करते हुए कहा कि, आईएस एक आतंकी संगठन है और चाहे वो विश्व के किसी भी कोने में छिपे हो, अमेरिका उन्हें खत्म कर देगा।












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