एप्पल कंपनी को चुकाना होगा 97 हजार करोड़ रुपए का टैक्स
ब्रसेल्स। यूरोपियन यूनियन ने मंगलवार को एप्पल कंपनी को आदेश दिया है कि वह आयरलैंड को 13 अरब यूरो (करीब 97,000 करोड़ रुपए) का टैक्स अदा करे। यूरोपियन यूनियन ने करीब तीन साल की जांच-पड़ताल के बाद यह फैसला दिया है।

यूरोपियन यूनियन ने अपनी जांच में पाया कि एप्पल कंपनी को टैक्स नियमों के तहत जो छूट दी गई थी और जिसके चलते कंपनी को फायदे मिल रहे थे, वह पूरी तरह से अवैध हैं। यूरोपियन यूनियन का कहा है कि यह कोई पैनाल्टी नहीं है, बल्कि वह टैक्स जमा करने को कहा जा रहा जो कंपनी ने अब तक नहीं किया है।
आयरलैंड के वित्त मंत्री माइकल नूनान इस फैसले से असहमत हैं। यूरोपियन यूनियन का मानना है कि ऐप्पल को मिली डील के तहत अन्य बिजनेस कंपनियों की तुलना में बहुत अधिक फायदा मिला, जबकि उसने महज एक फीसदी कॉरपोरेट टैक्स चुकाया।
आयरलैंड कंपनियों के हिसाब से उन्हें टैक्स में काफी छूट देकर अपने देश में आकर बिजनेस करने के लिए आकर्षित कर रहा था। इन डील को स्वीटहर्ट डील कहा जाता है। यूरोपियन यूनियन का मानना है कि एप्पल कंपनी ने यूरोयपियन यूनियन के नियमों का उल्लंघन किया है।
यूरोपियन यूनियन ने आयरलैंड के मंत्रियों पर स्वीटहर्ट डील देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने एप्पल को कई तरह की टैक्स छूट इसलिए दी थी, ताकि कंपनी आयरलैंड में नौकरियां मुहैया कराए।
यूरोपियन यूनियन के प्रमुखख मार्गेथ वेस्टागर बोले कि कोई भी सदस्य देश किसी चुनिंदा कंपनी को अगर टैक्स में खास छूट देता है, तो यह कानूनन अवैध होगा। आयरलैंड यूरोपियन यूनियन के इस फैसले से पूरी तरह से असहमत है और इसक फैसले कि खिलाफ अपील करने की योजना बना रहा है।












Click it and Unblock the Notifications