श्रीलंका में भारत विरोधी राजपक्षे हारे, खुश हुआ भारत
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) श्रीलंका का भारत विरोधी चेहरा यानी पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की फिर से सत्ता पर काबिज होने की कोशिश नाकाम हो गई है। जाहिर है,इसके चलते भारत खुश होगा।
उन्होंने सोमवार को अपनी हार स्वीकार कर ली। अब रानिल विक्रमसिंघे श्रीलंका के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। संसदीय चुनाव में उनकी यूनाइटेड नैशनल पार्टी (यूएनपी) को साधारण बहुमत मिल गया।
सिरीसेना ने हराया
आपको याद होगा कि पिछले साल जनवरी में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में राजपक्षे को मैत्रीपाला सिरीसेना ने हरा दिया था। राजपक्षे ने इस बार प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता में वापसी चाही थी।
लगाया रॉ पर आरोप
पिछले साल राष्ट्रपति पद के चुनाव में हार के लिए राजपक्षे ने भारत की खुफिया एजेंसी रॉ को दोषी माना था। उन्होंने पाकिस्तान के एक अखबार को इस तरह की बात कही है। हालांकि उनके दावे को रॉ जुड़े रहे एक अधिकारी ने खारिज किया था। उसका कहना था राजपक्षे चुनाव में हार गए तो वे हार का ठीकरा भारत के सिऱ पर डाल रहे हैं।
जबकि सच्चाई यह नहीं है। राजपक्षे ने यह भी कहा कि जब परवेज मुशर्ऱफ पाकिस्तान में अहम पदों पर थे,तब वे श्रीलंका की बहुत मदद करते थे। हालांकि वे मदद किस तरह से करते थे इसका उन्होंने खुलासा नहीं किया।
हालांकि ये सच है कि रॉ खुफिया जानकारी तो एकत्र करती है। क्योंकि उसका यही काम है। सभी देशों की गुप्तचर एजेंसियां होती हैं। पाकिस्तान की आईएसआई है। इजराईल की मोसाद है। बहरहाल, राजपक्षे के पराजित होने से भारत खुश जरूर होगा।













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