Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

दुनिया में एक और कोरोना जैसे घातक वायरस ने दी दस्तक, इसके लिए भी चमगादड़ जिम्मेदार!

नई दिल्ली, 11 अगस्त। कोरोना वायरस महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है, कोविड की वजह से लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जानलेवा महामारी कोरोना से लोगों की जंग अभी जारी ही है इस बीच एक नया वायरस अपना पैर पसारना शुरू कर चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी में खतरनाक 'मारबर्ग वायरस' के पहले मामले की पुष्टि की है। 'मारबर्ग वायरस' एक समय में तबाही मचा चुके इबोला और कोरोना वायरस जैसा ही घातक बताया जा रहा है।

नए खतरनाक वायरस ने दी दस्तक

नए खतरनाक वायरस ने दी दस्तक

कोरोना वायरस महामारी के खौफ के बीच गिनी में पाए गए इस घातक संक्रमण से लोग डरे हुए हैं। डब्यूएचओ ने इस वायरस के लक्षण इबोला और कोरोना वायरस के मिले-जुले सिम्टम्स वाला बताया है। इसकी सबसे खौफनाक बात यह है कि मारबर्ग से संक्रमित मरीज में खून बहना शुरू हो जाए तो उसके जीवन का अंत मान लिया जाता है। गुएना में इस वायरस के कुल 155 मामले होने की संभावना जताई गई है।

Recommended Video

    Marburg Virus: पश्चिमी अफ्रीकी देश Guinea में मिला नया वायरस, जानिए इसके बारे में ? | वनइंडिया हिंदी
    88 फीसदी होती है मौत की संभावना

    88 फीसदी होती है मौत की संभावना

    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक यह वायरस अगर इंसानों से फैलता है तो इसकी तफ्तार कोरोना से कहीं अधिक होगी। मारबर्ग वायरस आमतौर पर जानवरों में पाया जाता है लेकिन इसके इंसानों के संपर्क में आने की भी पूरी संभावना होती है। जानकारी के मुताबिक यह वायरस भी इबोला और कोरोना की तरह चमगादड़ों के जरिए फैलता है। डराने वाली बात ये है कि इस संक्रमण में मौत की आशंका 88 फीसदी होती है।

    कोरोना की तरह फैलता है मारबर्ग

    कोरोना की तरह फैलता है मारबर्ग

    डब्ल्यूएचओ के डॉक्टर मात्शिदिसो मोएती ने कहा, 'मारबर्ग वायरस' को दुनिया में फैलने से रोकने के लिए इसकी शुरू से ही काबू करना होगा। अभी वायरस के पश्चिम अफ्रीकी देशों में प्रसार की ज्यादा संभावना है, इस क्षेत्र में इबोला वायरस ने भी काफी कहर ढाया था। कोरोना वायरस की तरह ही मारबर्ग वायरस भी इंसानी शरीर से निकले तरल के माध्यम से फैल सकता है।

    क्या है मारबर्ग के लक्षण?

    क्या है मारबर्ग के लक्षण?

    मारबर्ग से संक्रमित मरीज अगर किसी सामग्री को इंफेक्ट कर देता है तो उसे छूने वाला शख्स भी इसकी चपेट में आ जाएगा। मारबर्ग के शुरुआती लक्षण तेज बुखार, तेज सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द होता है। संक्रमण के तीसरे दिन मरीज को लूज मोशन, पेट में दर्द और ऐंठन, मतली और उल्टी होने लगती है। इस बीच रोगी की आंखें भारी होने लगती हैं और चेहरा मुरझा जाता है। शरीर पर दाने निकलना और ब्लीडिंग होना बीमारी के गंभीर लक्षणों में शुमार है।

    8 से 9 दिन में हो जाती है मौत

    8 से 9 दिन में हो जाती है मौत

    डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मारबर्ग वायरस से पीड़ित मरीज की 8 से 9 दिन के भीतर मौत हो जाता है। आखिरी दिनों में मरीज को उल्टी, मल के दौरान खून बहता है, जबकि नाक, मसूढ़ों और महिलाओं में जननांगों से भी खून बहने की तकलीफ होती है। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले ये वायरस 1967 में जर्मनी के मारबर्ग और फ्रैंकफर्ट बेलग्रेड, सर्बिया में सामने आया था। कुछ रिसर्च में ये बात भी सामने आई है कि वायरस चमगादड़ द्वारा अस्तित्व में आया।

    यह भी पढ़ें: यूपी में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 27 नए मामले, शनिवार के दिन मिलेगी वैक्सीन की सिर्फ सेकेंड डोज

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+