वुहान में फिर से कोरोना संक्रमण के बीच, लैब लीक थ्योरी पर चीन की इन 5 संदिग्ध हरकतों को लेकर नया दावा
वुहान, 22 फरवरी: चीन के वुहान शहर में एक बार फिर कोरोना फैल गया है। गौरतलब है कि चीन के वुहान शहर से ही कोरोना संक्रमण शुरू हुए दो साल से ज्यादा बीत चुके हैं। लेकिन, अभी तक इस वायरस की उत्पत्ति को लेकर चीन ने कुछ भी ठोस जानकारी किसी के हाथ नहीं लगने दी है। चीन के लैब से वायरस के लीक होने की कई थ्योरी सामने आ चुकी हैं और उसे खारिज करने वालों में अकेली चीनी मीडिया ही नहीं, पश्चिम देशों की कुछ मीडिया और वायरोलॉजिस्ट भी रहे हैं। लेकिन, कुछ ना कुछ फिर से ऐसा हो जाता है कि चीन की चालबाजियों की ओर दुनिया का संदेह फिर बढ़ने लगता है। दिसंबर, 2021 में ताइवान की ओर से की गई एक आधिकारिक पुष्टि ने इस संदेह को और भी गहरा दिया है।

वुहान में फिर फैला कोरोना
चीन का वुहान शहर करीब दो साल बाद मंगलवार को फिर से उसी घबराहट वाली स्थिति में लौट आया है। सेंट्रल चीन के हुवेई प्रांच में स्थित वुहान में एक बार फिर से कोविड महामारी फैल गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस हफ्ते वुहान में एक दर्जन से ज्यादा नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। जिसके बाद अधिकारियों ने एहतियाती उपायों पर जोर देना शुरू कर दिया है। यह तस्वीर मंगलवार (22 फरवरी, 2022) की है, जिसमें एक आवासीय परिसर में कोविड जांच करवाने वालों की भीड़ उमड़ी हुई है।

चीन ने आर्मी जनरल को क्यों सौंपी वुहान लैब की कमान ?
इस बीच चीन के वुहान शहर में हुए कोरोना विस्फोट के दो साल से भी ज्यादा गुजर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोरोना वायरस की लैब लीक थ्योरी के बारे में संदेह बना ही हुआ है। अब प्रॉविडेंस ने एक खबर दी है और बताया है कि किस तरह से चीन और उसके राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इसकी सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश कोशिश की है। अखबार ने लिखा है कि चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने जिस तरह से अपनी सेना के एक जनरल को वुहान लैब की कमान सौंपी, उससे यह जाहिर हो जाता है कि वह वायरस की उत्पत्ति को लेकर कभी भी पारदर्शी नहीं थे और सिर्फ झूठी कहानी गढ़ते जाने की कोशिशें की गईं।

चीन की हर एक चाल संदिग्ध
दूसरी संदिग्ध हरकत यह बताई गई है कि चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के स्वामित्व वाली मीडिया ने एक फर्जी स्विस वायरोलॉजिस्ट को कोट किया जो कि एक और उदाहरण है। तीसरा, एक चीनी पत्रकार को इसलिए जेल में डाल दिया गया, क्योंकि उसने वुहान लॉकडाउन की सच्चाई जुटाने की कोशिश की थी। इस मामले में ड्रैगन की चौथी संदिग्ध हरकत ये रही कि जब ऑस्ट्रेलिया ने कोरोना वायरस की उत्पत्ति की स्वतंत्र जांच का आह्वान किया तो उसने उसके साथ व्यापार युद्ध छेड़ने की भी कोशिशें की।

चीन की पांचवीं संदिग्ध हरकत
चीन पर पांचवां संदेह यह जताया गया है कि जैसे ही 2020 के फरवरी से चीन के वुहान शहर से निकल कर यह जानलेवा वायरस पूरी दुनिया में फैलना शुरू हुआ, चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार ने कोविड-19 की उत्पत्ति से संबंधित किसी भी तरह के प्रकाशन पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। जबकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि यह तथ्य है कि लैब लीक की घटनाएं होती हैं और यह सामान्य है और देश ऐसी घटनाओं की जानकारी देते भी हैं। तथ्य यह है कि दिसंबर 2021 में, ताइवान ने आधिकारिक तौर पर एसएआरएस-सीओवी-2 (कोविड-19) के लैब लीक होने की पुष्टि भी की है।

जांच की जरूरत पर दी गई है जोर
पिछले दो वर्षों में दुनिया भर में 42 करोड़ से ज्यादा लोग कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं , 58 लाख से अधिक लोगों की मौत तक हो चुकी है; और वैश्वनिक अर्थव्यवस्था चौपट होने के बावजूद अभी तक जीवन सामान्य नहीं हो सका है। लेकिन, इस वायरस की उत्पत्ति के बारे में अभी तक दुनिया के हाथ में कोई ठोस जानकारी नहीं है। लेकिन, चीन के वुहान में 2019 के अंत में लैब इंफेक्शन की घटना की जानकारी सामने आने के बावजूद उसने आधिकारिक तौर पर उसपर कभी भी कुछ नहीं कहा है। इसलिए यह सवाल बना हुआ है कि लैब लीक की दुर्घटना हुई थी या नहीं? इसलिए इस रिपोर्ट में विश्व के सामने इसकी आवश्यकता जताई गई है कि चीन की तहकीकात करने की आवश्यकता है।












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