अमेरिका की कोशिशें सफल, इजरायल-UAE के बीच शुरू हुई सीधी व्यावसायिक उड़ान
नई दिल्ली। कोरोना काल में इजराइल और यूएई के रिश्तों में सुधार के बाद दोनों देशों के बीच सोमवार को एतिहासिक व्यावसायिक उड़ान को गुरियन हवाईअड्डे से अबु धाबी के लिए रवाना किया गया। बता दें कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद पिछले कुछ दिनों में इजरायल-यूएई के रिश्ते सामान्य हुए हैं। इसी क्रम में सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के वरिष्ठ सलाहकार और दामाद जेरेड कुशनर सहित इजराइल और अमेरिकी अधिकारियों के साथ इस विमान ने उड़ान भरी।

बता दें कि इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच कई दशकों से संबंध में खटास थी जिसे अमेरिका की मध्यस्थता के बाद खत्म कर दिया गया। इजराइल और यूएई ने 13 अगस्त को ऐलान किया कि वह अमेरिका की मौजूदगी मे हुए सौदे के तहत एक दूसरे से पूर्ण कूटनीतिक संबंधों को स्थापित कर रहे हैं। इस मध्यस्थता में इजराइल वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों को को अपने अधिकार क्षेत्र में मिलाने की अपनी योजना पर रोक लगाने को राजी हुआ जिसके बाद यूएई ने भी इजराइली राष्ट्रीय विमानन कंपनी को अपने हवाई क्षेत्र के ऊपर से उड़ने की अनुमति दी।
इजरायल-UEA समझौते से बौखलाया तुर्की
बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर विमान के उड़ान भरने से ठीक पहले जेरेड कुश्नर ने कहा कि उम्मीद करते हैं कि आने वाले दिनों में इस ऐतिहासिक सफर की और अधिक शुरुआत होगी। यह उम्मीदों से भरा समय है और मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में और विश्व भर में बहुत शांति एवं समृद्धि संभव है। बता दें कि इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हुए शांति समझौते पर भड़के तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने यूएई के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने का ऐलान कर दिया। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने इस समझौते को लेकर यूएई की जमकर आलोचना की है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने फिलिस्तीनी प्रशासन का समर्थन करते हुए एक बयान जारी किया है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने जारी किए एक बयान में कहा कि, इस तरह के समझौते को स्वीकार करने में यूएई के 'पाखंडी व्यवहार' को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा।
यह भी पढ़ें: कोरोना काल में 14 सिंतबर से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, लोकसभा सचिवालय ने जारी किया नोटिफिकेशन












Click it and Unblock the Notifications