Iran Vs USA: अमेरिका से पंगा लेकर बर्बाद हो जाएगा ईरान, पिद्दी सी ताकत के साथ क्यों उछल रहा ये इस्लामिक देश?
Iran Vs USA Military Power: जॉर्डन में ड्रोन हमले में 3 सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका बौखलाया हुआ है और चुनावी साल में फंसे राष्ट्रपति जो बाइडेन के ऊपर, ईरान पर हमला करने के लिए रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से भारी दबाव बनाया जा रहा है।
रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से जो बाइडेन को एक डरपोक और कमजोर राष्ट्रपति करार दिया जा रहा है और इसके नेता, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईरान के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। दूसरी तरफ, जो बाइडेन ने भी अपने बयान में बदला लेने की कसम खाई है।

हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया है, कि ईरान ने जॉर्डन में ड्रोन हमले में शामिल होने से इनकार कर दिया है, लेकिन सवाल ये है, कि क्या कोई ईरान पर यकीन करेगा? अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड कैमरन ने सीरिया की सीमा के पास रविवार को हुए हमले के लिए ईरान समर्थित आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरानी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया है, कि ईरानी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र को बताया है, कि जॉर्डन हमले में ईरान का कोई हाथ नहीं है और ना ही कोई लेनादेना है। लेकिन, अमेरिका का कहना है, कि ईरान उन समूहों को मदद दे रहा है, जो इस हमले में शामिल थे।
ऐसे में मिडिल ईस्ट में एक और जंग भड़कने की आशंका है। लिहाजा जानना जरूरी हो जाता है, कि अगर ईरान और अमेरिका में जंग शुरू होता है, तो फिर ईरान की सेना कितनी देर तक अमेरिका का मुकाबला कर पाएगी। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है, कि अमेरिका और ईरान के बीच आमने-सामने की युद्ध होने की संभावना ना के बराबर हैं, हां अमेरिकी एयरफोर्स, ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले जरूर कर सकती है।
आइये ईरान और अमेरिका की सैन्य शक्ति के बारे में जानते हैं।
ग्लोबल फायर पावर की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक,
अमेरिका के पास एक्टिव सैन्य जवानों की संख्या 13 लाख 28 हजार है।
ईरान के पास एक्टिव सैन्य जवानों की संख्या 6 लाख 10 हजार है।
अमेरिका के पास रिजर्व फोर्स की संख्या करीब 8 लाख है
ईरान के पास रिजर्व फोर्स की संख्या साढ़े 3 लाख है।
अमेरिका के पास पारा-मिलिट्री सैनिक नहीं हैं, जबकि ईरान के पास ये संख्या 2 लाख 20 हजार है।
अमेरिका का डिफेंस बजट- 8 खरब, 31 करोड़ 78 लाख डॉलर है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।
ईरान का डिफेंस बजट- 9 अरब 10 करोड़ डॉलर के करीब है, जो दुनिया में 33 वां सबसे बड़ा रक्षा बजट है।
अमेरिका के पास कुल 13 हजार 209 एयरक्राफ्ट हैं, जबकि ईरान के पास 551 एयरक्राफ्ट हैं।
अमेरिका के पास फाइटर एयरक्राफ्ट की संखअया 1854 है, जबकि ईरान के पास फाइटर एयरक्राफ्ट की संख्या 186 है।
अमेरिका के पास डेडिकेटेड अटैक 896 है, जबकि ईरान के पास इसकी संख्या सिर्फ 23 है।
अमेरिका के पास ट्रांसपोर्ट विमानों की संख्या 957 है, जबकि ईरान के पास ट्रांसपोर्ट विमानों की संख्या 86 है।
अमेरिका के पास एरियल टैंकर्स की संख्या 606 है, जबकि ईरान के पास इसकी संख्या 10 है।
अमेरिका के पास जहां 5 हजार 737 हेलीकॉप्टर्स हैं, वहीं ईरान के पास 129 हेलीकॉप्टर्स हैं।
वहीं, अमेरिका के बेड़े में अटैक हेलीकॉप्टर्स की संख्या 1000 है, लेकिन ईरान के पास सिर्फ 13 अटैक हेलीकॉप्टर्स हैंष
ये तो थी एयर पावर की बात, अब बात करते हैं जमीनी शक्ति में दोनों देशों के पास क्या क्षमता है, उसकी बात करते हैं।
अमेरिका के पास जहां 4657 टैंक हैं, वहीं ईरान के पास करीब 2000 टैंक हैं।
अमेरिका के पास आर्मर्ड व्हीकल की संख्या 3 लाख 60 हजार हैं, वहीं ईरान के पास 65 हजार 765 आर्मर्ज व्हीकल हैं।
अमेरिका के पास सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी टैंक की संख्या 1596 है, जबकि ईरान के पास 580 हैं।
अब बात करते हैं, नौसेना की.. कि आखिर ईरान के मुकाबले अमेरिका की नौसेना की शक्ति कितनी विशालकाय है।
अमेरिका के पास फ्लीट की की ताकत 472 है, जबकि ईरान के पास इसकी संख्या 101 है।
अमेरिका के पास एयरक्राफ्ट कैरियर्स की संख्या 11 है, जबकि ईरान के पास एक भी एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है।
अमेरिका के पास हेलीकॉप्टर कैरियर्स की संख्या 9 है, लेकिन ईरान के पास एक भी नहीं है।
अमेरिका के पास 64 पनडुब्बियां हैं, जबकि ईरान के पास पनडुब्बियों की संख्या 19 है।
अमेरिका के पास जलीय विध्वंसक की संख्या 75 है, जो ईरान के पास एक भी नहीं है।
अमेरिका के पास एक भी फ्रिगेट नहीं हैं, जबकि ईरान के पास 7 फ्रिगेट हैं।
आसानी से समझा जा सकता है, कि आखिर अमेरिका को सुपरपावर क्यो कहा जाता है और अगर ईरान, अमेरिका से उलझता है, तो अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है, कि ईरान का क्या हाल होगा।












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