Alien News: इंसानों की तरह पांच तत्वों से नहीं बने होंगे एलियंस, उनके शरीर में... बाहरी दुनिया पर बड़ा खुलासा
Alien News: एलियंस के अस्तित्व को लेकर धरती के वैज्ञानिक हजारों तरह के रिसर्च कर रहे हैं और कई अध्ययनों से काफी महत्वपूर्ण जानकारियां भी सामने आ रही हैं। एलियंस वास्तव में हैं या नहीं, इसको लेकर वैज्ञानिक समाज बंटा हुआ है, लेकिन इस बीच एलियंस को लेकर एक नये रिसर्च में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां निकलकर सामने आई हैं।
एक नये रिसर्च में पता चला है, कि पृथ्वी पर जिस तरह से इंसानों का निर्माण होता है, एलियंस का निर्माण उस तरह से नहीं होता है। जिन रासायनिक प्रक्रियाओं से इंसान मां के गर्भ में बनते हैं, एलियंस के बनने की प्रक्रिया उससे अलग हो सकती है।

वैज्ञानिकों की एक टीम ने एलियंस को लेकर अपने आप होने वाली रासायनिक प्रक्रियाओं की खोज की है, और इस स्टडी से एक नतीजे तक पहुंचने की कोशिश की है, कि हो सकता है, कि एलियंस ऐसे तत्वों से बने हों, जो पृथ्वी पर मौजूद तत्वों से बहुत अलग है, और वो तत्व, उन्हें एक ऐसे ग्रह पर रहने के अनुकूल बनाते हो, जहां धरतीवासी नहीं रह सकते हैं।
एलियंस पर नई स्टडी
स्पेस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, पृथ्वी का जीव, विज्ञान कार्बनिक यौगिकों पर निर्भर है, जिसमें कार्बन के साथ-साथ फॉस्फोरस, सल्फर, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन जैसे तत्व शामिल हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि वैकल्पिक रासायनिक ढाँचे विदेशी जीवन रूपों के अस्तित्व को जन्म दे सकते हैं।
लंबे समय से, वैज्ञानिक आश्चर्य करते रहे हैं, कि क्या एलियन जीवन महत्वपूर्ण रूप से भिन्न रसायन विज्ञान के आधार पर विकसित हो सकता है? शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया है, कि क्या सिलिकॉन, जीव विज्ञान के लिए रीढ़ की हड्डी के रूप में काम कर सकता है?
विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय के एक खगोलविज्ञानी, जीवाणुविज्ञानी और विकासवादी जीवविज्ञानी, वरिष्ठ लेखक बेतुल काकर ने कहा, कि "इन संभावनाओं का पता लगाना महत्वपूर्ण है, ताकि हमें यह पता चल सके कि पृथ्वी पर जीवन ही नहीं, बल्कि सभी प्रकार के जीवन कैसे दिख सकते हैं।"
क्या होता है ऑटोकैटलिसिस?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये एक प्रकार की रासायनिक अंतःक्रिया है, जो पृथ्वी पर जीवन की कुंजी है, जो ऑटोकैटलिसिस कहलाती है। ये प्रतिक्रियाएं आत्मनिर्भर होती हैं और ऐसे अणु उत्पन्न कर सकती हैं, जो उसी प्रतिक्रिया को दोबारा होने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
वैज्ञानिक काकर ने कहा, "जीवन की उत्पत्ति के शोधकर्ताओं द्वारा ऑटोकैटलिसिस पर ध्यान देने का एक प्रमुख कारण यह है, कि प्रजनन - जीवन की एक प्रमुख विशेषता - ऑटोकैटलिसिस का एक उदाहरण है।"
खगोलविज्ञानी ने आगे कहा, कि "जीवन, अधिक जीवन के निर्माण को उत्प्रेरित करता है। एक कोशिका दो कोशिकाओं का निर्माण करती है, और दो कोशिकाएं चार का निर्माण करती हैं और ये प्रोसेस चलता रहता है और इसी तरह से जीवन का निर्माण होता है। जैसे-जैसे कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है, संभावित अंतःक्रियाओं की संख्या और विविधता तदनुसार बढ़ जाती है।"
यानि, ऑटोकैटलिसिस की वजह से इंसानों का शरीर बनता है, जिसमें अलग अलग कार्बनिक यौगिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्बनिक यौगिकों से अलग ऑटोकैटलिसिस?
लेकिन, नए अध्ययन में, शोधकर्ता एक ऑटोकैटलिसिस की खोज कर रहे थे, जो कार्बनिक यौगिकों से अलग हो। यानि, बिना कार्बन योगिकों के ही ऑटोकैटलिसिस प्रक्रिया पूरी हो।
वैज्ञानिक काकर ने कहा, कि ऐसी प्रतिक्रिया मौजूद हो सकती है, क्योंकि ऑटोकैटलिसिस एबियोजेनेसिस को चलाने में मदद कर सकता है, जो निर्जीवता से जीवन की उत्पत्ति है।
वैज्ञानिकों ने इस बात पर जोर दिया, कि ये अनुपातिक चक्र के रूप में जाना जाता है, जो एक अणु की कई प्रतियां बना सकता है। ऐसे उत्पादों को इन चक्रों को दोबारा शुरू करने में मदद करने के लिए, प्रारंभिक सामग्री के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप ऑटोकैटलिसिस होता है।
स्पेस डॉट कॉम के मुताबिक, अध्ययन के प्रमुख लेखक जेन पेंग ने कहा, कि "अनुपातन निश्चित रूप से अद्वितीय है, क्योंकि यह एक एकल प्रतिक्रिया है, जो कई आउटपुट उत्पन्न करती है। यह काफी हद तक प्रजनन जैसा दिखता है।"
ऐसी प्रतिक्रियाओं की खोज के लिए, वैज्ञानिकों द्वारा दो शताब्दियों से भी अधिक समय के डिजिटलीकृत वैज्ञानिक दस्तावेजों का विश्लेषण किया है, जो विभिन्न भाषाओं में लिखे गए थे।












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