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अलकायदा चीफ अल-जवाहिरी ने भारत के खिलाफ उगला जहर, हिजाब गर्ल मुस्कान खान की जमकर तारीफ

कर्नाटक हिजाब विवाद फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है, लेकिन भारत में, हिजाब को ऐतिहासिक रूप से सार्वजनिक क्षेत्रों में न तो प्रतिबंधित किया गया है और न ही सीमित किया गया है।

काबुल, अप्रैल 06: ओसामा बिन लादेन के दूसरे कमांडर अयमान अल-जवाहिरी ना सिर्फ जिंदा है, बल्कि उसने एक नये वीडियो में भारत और भारत की सत्तारूढ़ पार्टी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जमकर जहर उगला है। ओसामा बिन लादेन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आतंकवादी ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उसने भारत में एक स्कूल में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के बाद 'इस्लाम के दुश्मनों' की निंदा की है।

मुस्कान खान की जमकर तारीफ

मुस्कान खान की जमकर तारीफ

अस-साहब मीडिया द्वारा जारी नौ मिनट के वीडियो में, अल-कायदा के आधिकारिक मीडिया विंग, अल-जवाहिरी ने मुस्लिम छात्र मुस्कान खान की प्रशंसा की है, जब उसने कर्नाटक के एक स्कूल में इस्लामी दुपट्टा पहना था, जहां पर इस वक्त भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। जिहादी वेबसाइटों की निगरानी करने वाली वेबसाइट इंटेलिजेंस ग्रुप सहित, ट्विटर पर आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञों द्वारा उपलब्ध कराए गए ट्रांसलेशन के अनुसार, मिस्र में जन्मे और डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले आतंकवादी अल- जहाहिरी ने 'भारत के मूर्तिपूजक हिंदू लोकतंत्र' पर 'मुसलमानों पर अत्याचार' करने का आरोप लगाया।

अलकायदा का प्रमुख है अल-जवाहिरी

अलकायदा का प्रमुख है अल-जवाहिरी

अल-जवाहिरी, जो 2011 में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अल-कायदा का नया मुखिया बना था. उसने फ्रांस, हॉलैंड और स्विटजरलैंड के साथ-साथ मिस्र और मोरक्को को भी हिजाब विरोधी नीतियों के लिए 'इस्लाम का दुश्मन' बताया है। अल- जवाहिरी ने वीडियो में आगे पाकिस्तान और बांग्लादेश की सरकारों की भी आलोचना की है और और पाकिस्तान और बांग्लादेश पर 'उन दुश्मनों का बचाव करने का आरोप लगाया, जिन्होंने उन्हें हमसे लड़ने के लिए सशक्त बनाया है'।

हिजाब विवाद का फायदा लेने की कोशिश

हिजाब विवाद का फायदा लेने की कोशिश

आपको बता दें कि, कर्नाटक में हिजाब पहनने पर विवाद इसी साल जनवरी में शुरू हुई थी, जब कर्नाटक के उडुपी जिले में एक सरकारी स्कूल ने हिजाब पहनने वाली छात्राओं को कक्षा में प्रवेश करने पर रोक लगा दिया था। जिसके बाद भारत के कई मुस्लिम छात्रों ने इस फैसले का विरोध किया और उसके जवाब में भगवा पहने हिंदू छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। हिजाब विवाद बढ़ने पर कई और स्कूलों ने हिजाब पहनने पर यह तर्क देते हुए प्रतिबंध लगाया, कि स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चे एक समान हैं और उनमें मजहबी कपड़ों को लेकर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। जिसके बाद कर्नाटक हाइकोर्ट ने भी स्कूल में हिजाब पहनने पर पाबंदी लगा दी थी।

भारत में हिजाब पर पाबंदी नहीं

भारत में हिजाब पर पाबंदी नहीं

कर्नाटक हिजाब विवाद फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है, लेकिन भारत में, हिजाब को ऐतिहासिक रूप से सार्वजनिक क्षेत्रों में न तो प्रतिबंधित किया गया है और न ही सीमित किया गया है। जबकि, फ्रांस, श्रीलंका और स्विटजरलैंड जैसे कई देशों में सार्वजनिक स्थलों पर हिजाब पहनने पर पूर्ण पाबंदी लगाई है। श्रीलंका में सरकार ने कहा है कि, हिबाज पहनकर आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है। आपको बता दें कि, श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर एक चर्च में भीषण आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें हिजाब पहनकर आतंकवादी चर्च में घुसे थे। उसके बाद से ही श्रीलंका में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही थी, जबकि फ्रांस ने भी हिजाब पहनने के पीछे इस्लामिक कट्टरपंथ का हवाला दिया है।

जिंदा है अल-जवाहिरी

जिंदा है अल-जवाहिरी

अल-जवाहिरी आखिरी बार पिछले साल 11 सितंबर के हमलों की 20वीं बरसी पर एक वीडियो में दिखाई दिया था, जबकि, महीनों से अफवाह फैली थी, कि वो मर चुका है। लेकिन, नये वीडियो के बाद पुष्टि की गई है, कि अल- जवाहिरी अभी भी जिंदा है। इस वीडियो में अल- जवाहिरी ने कहा कि, 'यरूशलेम को कभी भी यहूदी क्षेत्र नहीं बनने दिया जाएगा' और उसने अल-कायदा के हमलों की प्रशंसा की है- जिसमें जनवरी 2021 में सीरिया में रूसी सैनिकों को निशाना बनाया गया था। वेबसाइट ने कहा कि, अल-जवाहिरी ने आक्रमण के 20 साल बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी का भी उल्लेख किया।

इस्लामिक स्टेट से मिल रही चुनौती

इस्लामिक स्टेट से मिल रही चुनौती

आपको बता दें कि, हाल के वर्षों में, अल-कायदा को अपने प्रतिद्वंद्वी, इस्लामिक स्टेट समूह से जिहादी हलकों में प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा है। 2014 में इराक और सीरिया के बड़े इलाकों पर कब्जा करके, एक 'खिलाफत' घोषित करके और पूरे क्षेत्र में कई देशों में सहयोगियों का विस्तार करके आईएसआईएस ने अपने दायरे को काफी बढ़ाया है, जबकि अमेरिकी हमलों ने अलकायदा की कमर तोड़ दी है और वो अफगानिस्तान के एक छोटे हिस्से में सिमटकर रह गया है। आईएसआईएस के भौतिक 'खिलाफत' को इराक और सीरिया में कुचल दिया गया था, हालांकि इसके आतंकवादी अभी भी सक्रिय हैं और हमले कर रहे हैं। आईएस का 'छायादार' नेता अबू बक्र अल-बगदादी मारा जा चुका है।

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