अमेरिका की वजह से भारत पर खतरा हो गया दोगुना

इसकी वजह शायद वही अमेरिका होगा जिसने वर्ष 2001 के बाद दुनिया से आतंक का सफाया करने की कसम खाई थी। तालिबान के कब्जे में पांच साल तक रहने के बाद अमेरिकी सार्जेंट बो बेर्गेडेल पिछले दिनों रिहा हो गए हैं।
उनकी रिहाई के बदले अमेरिका ने पांच ऐसे तालिबानी आतंकियों को ग्वांतनामो बे की जेल से रिहा कर दिया है जो न सिर्फ अमेरिका बल्कि भारत, अफगानिस्तान, पाकिस्तान के साथ ही पूरी दुनिया के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
खुद अमेरिकी सीनेटर जॉन मैक्केन ने इस बात का खुलासा किया है कि अमेरिका ने जितने भी कैदियों को रिहा किया है उनमें से 30 प्रतिशत आतंकवाद में फिर से सक्रिय हो गए हैं।
जॉन मैक्नेन के मुताबिक यह सभी आतंकी अब तालिबान का हिस्सा बन रहे हैं और ऐसे में जिस तालिबान की कमर तोड़ दी गई थी वह फिर से सक्रिय हो रहा है।
एक और खुलासा अमेरिका के एक न्यूजपेपर की ओर से किया गया है कि जिन पांच तालिबानी आतंकियों को ग्वांतामो बे जेल से रिहा किया गया है,उनमें से एक को जेल में ही रखने के लिए ओबामा प्रशासन की ओर से अमेरिका की कोर्ट में अपील की गई थी।
एक अखबार में कॉलमनिस्ट स्टीफन हाइस ने इस बात की जानकारी फॉक्स न्यूज चैनल को दी है। उस समय अमेरिका ने कहा था कि यह आतंकी अमेरिका के लिए काफी खतरनाक है।
जॉन मैक्केन ने यह बात फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में बताई है।
अमेरिका के डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलीजेंस की ओर से आतंकियों की रिहाई से जुड़ी जो रिपोर्ट रिलीज की गई है, उसके मुताबिक पिछले जनवरी 2014 से जून 2014 तक जो 614 कैदी छोड़े गए हैं उनमें से 104 यानी 17 प्रतिशत कैदी आतंकी गतिविधियों से जुड़ गए हैं।
इसके अलावा 74 यानी 12 प्रतिशत कैदी ऐसे हैं जिन पर इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने का शक है।
ऐसे में राष्ट्रपति ओबामा की ओर से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का जो वादा किया गया है, इस पर खासे सवाल उठा रहे हैं।
सीएनएन की ओर से कराई गई एक स्टडी में भी जेल से रिहा होने वाले 15 प्रतिशत आतंकियों ने इस बात को स्वीकार किया है कि वह आतंक की दुनिया में वापस लौट चुके हैं।
सवाल है कि जिस अमेरिका ने वर्ष 2001 में हुए हमले के बाद आतंक के खात्मे की कसम खाई थी, वही अमेरिका अब आतंकियों पर इस तरह की नरमी क्यों बरत रहा है।
वर्ष 2015 के बाद जब अमेरिकी फौजें अफगानिस्तान से हटनी शुरू हो जाएंगी तो एक बड़ा खतरा दुनिया के साथ ही साथ अमेरिका के लिए भी तैयार हो चुका होगा।
सार्जेंट बो बेर्गेडेल की रिहाई के बाद से ही अमेरिका में बड़े पैमाने पर एक बहस शुरू हो गई है।
साथ ही सुरक्षा विशेषज्ञ राष्ट्रपति बराक ओबामा के तरीकों पर भी सवाल उठाने लगे हैं। बेर्गेडेल की रिहाई के बाद विवाद इतना बढ़ गया है कि अब बेर्गेडेल के स्वागत से जुड़े होने वाले तमाम कार्यक्रमों को रद् कर दिया गया है।












Click it and Unblock the Notifications