अफ़ग़ानिस्तान: हिजाब पर अपने बयान के लिए राष्ट्रपति ने मांगी महिलाओं से माफी

Posted By: BBC Hindi
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अशरफ़ ग़नी
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अशरफ़ ग़नी

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने पारंपरिक हिजाब पर अपनी टिप्पणी के लिए महिलाओं से माफी मांगी है.

अशरफ़ ग़नी कुछ सरकारी अधिकारियों के इस्लामिक स्टेट से संबंध के आरोपों पर शनिवार को प्रतिक्रिया दे रहे थे. उन्होंने कहा था कि आरोप लगाने वालों को सबूत पेश करने चाहिए, वरना महिलाओं की चादर पहन लेनी चाहिए.

इसके बाद बहुत सारे लोगों ने इसे सेक्सिस्ट टिप्पणी मानते हुए इसकी आलोचना की थी.

अफ़ग़ान महिलाएं
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अफ़ग़ान महिलाएं

बाद में राष्ट्रपति ने आहत हुई महिलाओं को संबोधित करते हुए माफ़ी मांगी और कहा कि उनकी बात को ग़लत समझा गया.

अफ़ग़ान राष्ट्रपति के दफ़्तर ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "राष्ट्रपति महिला अधिकारों के प्रखर समर्थक हैं और उन्होंने अफ़ग़ान राष्ट्रपति के तौर पर अपने कार्यकाल में महिलाओं की स्थिति मज़बूत करने के लिए क़दम उठाए हैं."

बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने 'चादर' शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसकी ग़लत व्याख्या की गई है.

बयान में लिखा है, "यह एक आम कहावत है, जिसका अर्थ देश में महिलाओं की अति महत्वपूर्ण स्थिति को आहत करना कतई नहीं है."

ग़ुस्सैल प्रतिक्रियाएं

  • सुहराब सीरत, बीबीसी फारसी
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राष्ट्रपति ग़नी ने पारंपरिक हिजाब पर यह बयान देकर अपनी बात ख़त्म की थी तो सुनने वालों ने तालियां बजाई थीं. लेकिन एक दिन बाद ही उन्हें माफी मांगनी पड़ी.

कई लोगों का मानना है कि ग़नी अपने आलोचकों को महिला बन जाने की नसीहत देते हुए यह संकेत दे रहे थे कि महिलाएं हीन होती हैं.

सिविल सोसाइटी के कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर उनकी कड़ी आलोचना की और उनसे माफ़ी की मांग की. कुछ सरकारी अधिकारियों और महिला सांसदों ने भी इस बयान पर नाराज़गी जताई.

महत्वपूर्ण संदर्भ यह है कि अफ़ग़ानिस्तान एक मुस्लिम बहुल देश है जहां ज़्यादातर महिलाएं हिजाब पहनती हैं.

'फिर उम्मीद कौन बनेगा?'

अफ़ग़ानिस्तान में महिला लेखकों का सहयोग करने वाली संस्था 'फ़्री विमेन राइटर्स' ने राष्ट्रपति ग़नी की बात का फेसबुक पर जवाब भी लिखा.

उन्होंने लिखा, "अफ़ग़ानी महिलाओं के लिए उम्मीद कौन बनेगा, जब उनके अपने राष्ट्रपति सोचते हैं कि महिला होना शर्म की बात है."

महिला सांसद फौज़िया कूफ़ी ने ट्वीट किया कि उन्हें हिजाब पहनने पर गर्व है.

ग़नी ने 2014 में अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी, जिसके बाद उन्होंने भ्रष्टाचार से सख़्ती से निपटने का वादा किया था.

इससे पहले वह देश के वित्त मंत्री रहे हैं और विश्व बैंक के लिए भी काम कर चुके है.

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English summary
Afghanistan President apologizes to women for his statement on Hijab
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