अफगानिस्तान: भारत समर्थक अशरफ घनी दोबारा बने राष्ट्रपति, दो माह के बाद हुआ नतीजों का ऐलान
काबुल। अशरफ घनी दूसरी बार अफगानिस्तान के राष्ट्रपति बने हैं। अफगानिस्तान के चुनाव आयोग के मुखिया हवा आलम नुरिस्तानी ने इस बात की जानकारी राजधानी काबुल में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है। नुरिस्तानी ने बताया कि अशरफ घनी को कुल 50.64 प्रतिशत वोट हासिल हुए हैं। भारत की तरफ से भी घनी के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने पर प्रतिक्रिया दे दी गई है। हालांकि अभी घनी के विरोधियों के पास मौका है कि वह चुनावी नतीजों को चैलेंज कर सकें। अफगानिस्तान के चुनाव आयोग ने रविवार को नतीजों का ऐलान किया है।

28 सितंबर को हुए थे चुनाव
अफगानिस्तान में 28 सितंबर को चुनाव हुए थे और नतीजों में लगातार देरी हो रही थी। चुनाव आयोग पर लोगों ने बैलेट की गिनती के दौरान गलत बर्ताव और तकनीकी समस्याओं का आरोप लगाया था। घनी के सामने उनके प्रतिद्वंदी अब्दुल्ला अब्दुल्ला थे जो गठबंधन की सरकार में देश के चीफ एग्जिक्यूटिव के तौर पर काम कर रहे हैं। अब्दुल्ला दिसंबर माह में इस बात पर राजी हुए थे कि उनके प्रांत में बैलेट की दोबारा गिनती होगी। उनके समर्थकों ने एक माह से गिनती की प्रक्रिया को रोके रखा था। अफगानिस्तान के चुनाव आयोग ने कोशिश की थी कि नवंबर में बैलेट की दोबारा गिनती हो सके मगर अब्दुल्ला ने इस कोशिश में अड़ंगा डाल दिया था।
भारत ने कहा हमेशा काबुल के साथ
अब्दुल्ला का कहना था कि वह अपने पर्यवक्षेकों को इसमें हिस्सा नहीं लेने देंगे। इसके बाद उनके हजारों समर्थक राजधानी काबुल में इकट्ठा हो गए थे। उनका कहना था कि फर्जी बैलेट्स की फिर से गिनती घनी को फायदा दे सकती है। घनी की जीत के बाद भारत की तरफ से आधिकारिक बयान जारी किया गया है। विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि भारत, अफगानिस्तान के लोगों के लिए काम करने की दिशा में हमेशा अग्रसर रहेगा। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमेशा अफगानिस्तान के साथ खड़ा रहेगा और इसके सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद करता रहेगा।












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