तालिबान ने फिर से पाकिस्तान पर किया जबरदस्त हमला, युद्ध के हालात, कई सैनिकों की मौत

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हो गये हैं और पिछले हफ्ते भी तालिबान के सैनिकों ने हमला किया था, जिसमें 6 पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हो गई थी और 17 घायल हुए थे।

Aafghan pakiostan conflict

Taliban Pakistan Conflict: ऐसा लग रहा है, जैसे तालिबान ने एक तरह से पाकिस्तान के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है और एक बार फिर से अफगानिस्तान बोर्डर फोर्स ने पाकिस्तानी सेना पर भीषण हमला किया है, जिसमें अभी तक 1 की मौत और 15 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर पाकिस्तानी मीडिया ने दी है। पाकिस्तानी अखबार ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमला पाकिस्तान और अफगानिस्तान को विभाजित करने वाली डूरंड लाइन के चमन बॉर्डर पर किया गया है।

अफगानिस्तान ने किया हमला

अफगानिस्तान ने किया हमला

ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि, अफगान सीमा बलों ने पाकिस्तान की सीमा के अंदर एक नागरिक क्षेत्र में अंधाधुंध गोलीबारी की है, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है और कम से कम 15 लोग घायल हो गये हैं। वहीं, अफगानिस्तान की सेना के हमले के बाद पाकिस्तान की सेना की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की गई है, लेकिन पाकिस्तानी हमले में अफगानिस्तान को कितना नुकसान हुआ है, इसकी फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, झड़पों के बाद सीमा क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है और डीएचक्यू चमन में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ मलिक अचकजई ने कहा कि, कम से कम 12 लोगों का स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है।

अफगानिस्तान की तरफ से हमला

अफगानिस्तान की तरफ से हमला

लेवी के अधिकारियों ने बताया कि, अफगान की ओर से बोगरा रोड और कस्टम हाउस क्षेत्रों के आसपास नागरिक आबादी पर तोप के गोले चलाए गये और फायरिंग की गई। उन्होंने कहा कि, पाकिस्तानी सेना ने अफगान गोलाबारी का करारा जवाब दिया है। वहीं, चमन बॉर्डर पर पाकिस्तान के डिप्टी कमीश्नर ने कहा कि, अस्पताल में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है और नागरिकों को माल रोड, बोगरा रोड बाईपास और बॉर्डर रोड से खाली करने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने कहा है कि, सीमा के शेख लाल मुहम्मद सेक्टर में बाड़ की मरम्मत के दौरान अफगान बलों के साथ झड़पें हुईं हैं। पांच दिनों में यह दूसरी बार है, जब अफगान सीमा बलों ने बलूचिस्तान के चमन शहर के नागरिक इलाके में भारी हथियारों का इस्तेमाल करते हुए अंधाधुंध गोलीबारी की है। तालिबान के पिछले हमले में पाकिस्तान के 6 नागरिकों की मौत हो गई थी और कम से कम 17 लोग घायल हो गये थे। पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा के अनुसार, अफगान सीमा बलों ने हमले में तोपखाने और मोर्टार का इस्तेमाल किया है। तालिबान ने साफ कर दिया है, कि वो डूरंड लाइन से पीछे नहीं हटेगा।

डूरंड लाइन पर पीछे नहीं हटेगा तालिबान

डूरंड लाइन पर पीछे नहीं हटेगा तालिबान

तालिबान के सत्ता में आने से पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा को विभाजित करने वाली डूरंड लाइन पर तारों के बाड़ लगा दिए थे। पाकिस्तान के डूरंड लाइन का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा कंटीली तारों से घेर दिया था। लेकिन, तालिबान ने सत्ता में आने के बाद कंटीली तारों से बनी सीमा रेखा को तोड़ना शुरू कर दिया। जब पाकिस्तानी सैनिकों ने रोकने की कोशिश की, तो मामला तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, उस वक्त पाकिस्तानी फोर्स ने कुछ नहीं किया, क्योंकि तालिबान सत्ता में आया ही था। सत्ता में आने के 3 महीने के अंदर तालिबान ने ट्रकों के जरिए कंटीली तार से बनाए बॉर्डर फैन्सिंग को तोड़ दिया और उसके बाद से ही अफगान बल और पाकिस्तान फोर्स के बीच लगातार संघर्ष हो रहे हैं। इसके साथ ही बॉर्डर फैन्सिंग हटने से अब पाकिस्तान तालिबान के लिए पाकिस्तान के अंदर हमला करना काफी आसान हो गया है। पिछले महीने भी एक अज्ञात बंदूकधारी ने पाकिस्तना की तरफ अचानक फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमें एक पाकिस्तानी सैनिक मारा गया था।

क्या है डूरंड लाइन विवाद

क्या है डूरंड लाइन विवाद

पाकिस्तान और अफगानिस्तान 2640 किलोमीटर लंबी सीमा को साझा करते हैं और डूरंड लाइन को 1893 में हिंदूकुश क्षेत्र में स्थापित किया गया था। उस वक्त इस रेखा को अफगानिस्तान और ब्रिटिश शासित भारत के बीच आदिवासी क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली रेखा कहा गया था, लेकिन भारत के विभाजन के बाद इसे अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच की सीमा रेखा ब्रिटिश शासन ने घोषित कर दी। यह रेखा पश्तून आदिवासी क्षेत्रों से होकर गुजरती है और तालिबान पश्तूनों का संगठन है, लिहाजा पाकिस्तान के लिए डूरंड लाइन गले की हड्डी बन गई है। अफगानिस्तान ने कभी भी डूरंड लाइन को मान्यता नहीं दी है। तालिबान जब पहली बार शासन में आया था, उस वक्त भी उसने डूरंड लाइन को खारिज कर दिया था और फिर डूरंड लाइन के इर्द-गिर्द पश्तूनों के एक और संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' का निर्माण हुआ, जो लगातार पाकिस्तान पर हमले करता रहता है।

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