अफगानिस्तान के इस तस्वीर की भावुक कहानी, भगदड़ में बिछड़ा था नवजात, अब अपनों तक पहुंचा

काबुल में मची भगदड़ में बिछड़ा था नवजात, अपनों के पास पहुंचा

नई दिल्ली, 10 जनवरी। अफगानिस्तान की ये मार्मिक तस्वीर आपको याद होगी। तालिबान के हमले के बाद वहां मची भगदड़ में लोग अपनी और अपनों की जान बचाने के लिए भाग रहे थे। किसी तरह लोग अफगानिस्तान से निकल जाना चाहते थे। काबुल एयरपोर्ट की तस्वीरों ने सबके रोंगटे खड़े कर दिए थे। इस भगदड़ में 2 महीने का एक नवजात अपने परिवार से बिछड़ गया, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।

 काबुल भगदड़ में परिवार से बिछड़ गया था नवजात

काबुल भगदड़ में परिवार से बिछड़ गया था नवजात

तालिबान के हमले के बाद अफगानिस्तान से अमेरिका भाग रहे लोगों का दर्द उन तस्वीरों में साफ दिख रहा था। जान बचाकर भाग रहे एक परिवार ने अपने बच्चे की जान बचाने के लिए अपने 2 महीने के नवजात को कंटीले तारों के ऊपर से दूसरी ओर खड़े अमेरिकी सैनिक को सौंपने की एक तस्वीर वायरल हुई थी। इस तस्वीर से दुनियाभर को भावुक कर दिया था। सोहेल अहमदी का ये बच्चा सिर्फ दो महीने का था, जब वो काबुल एयरपोर्ट पर मची भगदड़ में परिवार से अलग हो गया।

 अफगानिस्तान में ही छूट गया था नवजात

अफगानिस्तान में ही छूट गया था नवजात

अफगानिस्तान में तालिबान के हमले के बाद अमेरिकी रेस्क्यू मिशन के दौरान आई इस मार्मिक तस्वीरों ने सबको रुला दिया। यूएस एबेंसी में गार्ड की नौकरी करने वाले मिर्जा अली अहमद और उनकी पत्नी सुराया ने बच्चे को बचाने के लिए उसे अमेरिकी सैनिकों को सौंपने की कोशिश की, लेकिन भगदड़ की वजह से परिवार को अमेरिका चला गया, लेकिन यह बच्चा उनसे बिछड़कर अफगानिस्तान में ही छूट गया। माता-पिता 80 दिनों तक ढूंढ़ते रहे, लेकिन वो मिल नहीं सका। अब लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अब अपने रिश्तेदारों को वापस मिल गया है।

 रिश्तेदारों को सौंपा गया बच्चा

रिश्तेदारों को सौंपा गया बच्चा

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे को अफगानिस्तान में रह रहे रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है। काबुल एयरपोर्ट पर बिछड़ने के बाद एक टैक्सी ड्राइवर ने बच्चे का पालन पोषण किया, उसकी देखभाल और लगातार कोषिष करता रहा कि बच्चा अपने परिवार के पास पहुंच जाए। लगातार कोशिशों के बाद तालिबान पुलिस ने बच्चे को आखिरकार उसके परिवार को सौंप दिया है। परिवारवाले बच्चे को वापस पाकर खुशी से रो पड़े। वहीं अमेरिका में शरणार्थी कैंप में रह रहे मिर्जा अब अपने बच्चे से मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

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