'मीरपुर के कसाई' को फांसी पर लटकाया गया

65 वर्षीय अब्दुल कादिर जमात-ए-इस्लामी पार्टी का सहायक महासचिव और शीर्ष नेता था। कादिर के नाम डेथ वारंट पहले ही जारी हो चुका था। यह ध्यान देने योग्य है कि उसकी सजा पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी लेकिन उसे खारिज किये जाने के कुछ घंटे बाद ही उसे फांसी दे दी गई।
हालांकि न्यूयॉर्क के मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने कादिर को फांसी नहीं दिये जाने का आग्रह किया था, जिसे बांग्लादेश की सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया।
बांग्लादेश का यह पहला अलगाववादी नेता था जिसे फांसी दी गई।












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