'मीरपुर के कसाई' को फांसी पर लटकाया गया

Abdul Quader Mollah executed in Bangladesh
ढाका। 'मीरपुर के कसाई' के नाम से मशहूर बांग्‍लादेश के कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्‍लामी के नेता अब्‍दुल कादिर मुल्‍ला को कल रात फांसी दे दी गई। उसे युद्ध अपराध के आरोपी के तौर पर सजा दी गई। उस पर 1971 में मुक्ति संग्राम के दौरान बड़ी संख्‍या में बच्‍चों की हत्‍या और महिलाओं के साथ दुष्‍कर्म करने का आरोप था। गौर हो कि युद्ध अपराध न्‍यायाधिकरण ने मुल्‍ला को 5 फरवरी को उम्र कैद की सजा सुनाई थी, लेकिन अपीलीय अदालत ने इस फैसले को फांसी में बदल दिया।

65 वर्षीय अब्‍दुल कादिर जमात-ए-इस्‍लामी पार्टी का सहायक महासचिव और शीर्ष नेता था। कादिर के नाम डेथ वारंट पहले ही जारी हो चुका था। यह ध्‍यान देने योग्‍य है कि उसकी सजा पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी लेकिन उसे खारिज किये जाने के कुछ घंटे बाद ही उसे फांसी दे दी गई।

हालांकि न्‍यूयॉर्क के मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने कादिर को फांसी नहीं दिये जाने का आग्रह किया था, जिसे बांग्‍लादेश की सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया।

बांग्‍लादेश का यह पहला अलगाववादी नेता था जिसे फांसी दी गई।

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