सोमालिया में भूख से बिलबिला रहे बच्चे, दाने-दाने को हुए मोहताज, 730 की मौत
मोगादिशु, 07 सितंबरः हॉर्न ऑफ अफ्रीका के नाम से जाना जाने वाले सोमालिया के पोषण केंद्रों में लगभग सैकड़ों बच्चों की मौत हो चुकी है जिसकी जानकारी मंगलवार को बच्चों के लिए संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNICEF ने दी है। यूनीसेफ की जानकारी के मुताबिक देश में जनवरी से अब तक पोषण केंद्रों में लगभग 730 बच्चों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को चेतावनी दी कि देश में अकाल के साथ वास्तविक आंकड़ा बहुत अधिक हो सकता है।

इमेज- फाइल
चार दशक में सबसे बड़ा सूखा
बता दें कि सोमालिया में बीते चार दशक का सबसे बड़ा सूखा पड़ा है। चार सालों से बारिश नहीं हो रही जिसकी वजह से पशुधन और फसलों का सफाया हो चुका है। यूनिसेफ में सोमालिया का प्रतिनिधित्व करने वाली वफा सइद ने कहा है, 'इस साल जनवरी के महीने से लेकर जुलाई तक देश के विभिन्न खाद्य और पोषण केंद्रों में कुछ 730 बच्चों के मरने की सूचना मिली है। यह संख्या अधिक भी हो सकती है कोई बच्चों के मरने की रिपोर्ट ही दर्ज नहीं हुई है।
पलायन कर रहे लोग
एक अधिकारी ने बताया कि सोमालिया में लोग अपने बच्चों को कंधे पर बिठाकर मीलों की दूरी तय करते हैं ताकि सूखे और खूंखार आतंकवादी संगठन अल-शबाब की नजर से बच सके। इस दौरान सफर में ही कुछ बच्चे मर जाते हैं। बता दें कि सोमालिया पिछले पांच सालों से सूखे के दौर से गुजर रहा है। यहां बारिश की भारी कमी है। इससे पहले साल 2011 में यहां आए अकाल ने बड़ी संख्या में लोगों की जान ले ली थी जिसमें अधिकतर बच्चे शामिल थे।
साल के अंत तक अकाल दे सकता है दस्तक
इससे एक दिन पहले ही संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी थी कि इस साल के अंत तक सोमालिया में अकाल दस्तक देने वाला है। बताया जा रहा है कि सोमालिया के कुछ हिस्से अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक अकाल की चपेट में होंगे क्योंकि एक तो यहां सूखे की एक समस्या पहले से ही है और दूसरी तरफ दुनिया भर में खाने-पीने की चीजों की कीमतें भी काफी बढ़ी हैं।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा है कि सोमालिया को लेकर अमेरिका काफी चिंतित है। उन्हें पता है कि सोमालिया को अभी मदद की बहुत जरूरत है। इसी के साथ सुलिवन ने अंतर्राष्ट्रीय समुदायों से इस कठिन समय में सोमालिया के साथ खड़े होने का आग्रह किया है। सोमालियाइ राज्य ग्लामदुग के सूचना मंत्री अहमद शीर ने कहा है कि हाल के महीनों में यहां कुपोषण की चपेट में आकर 210 लोगों की मौत हो चुकी है।











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