बुर्किना फासो में फिर नरसंहार, सेना की वर्दी में आए लोगों ने गांव में घुसकर 70 लोगों की कर दी हत्या
अफ्रीकी देश बुर्किना फासो में इसी महीने की शुरुआत में एक अज्ञात हमले में 70 लोगों की हत्या किए जाने की खबर है। इसमें बुजुर्ग और बच्चों की संख्या अधिक है। इस हमले की जिम्मेदारी अब तक किसी ने नहीं ली है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, 6 नवंबर को ये घटना बौल्सा शहर से लगभग 60 किलोमीटर देश के उत्तरी इलाके में एक गांव जाओंगो में हुई है। सेना की वर्दी में आए हमलावरों ने न सिर्फ लोगों की मारा बल्कि उन्होंने ग्रामीणों को संपत्ति को नुकसान भी पहुंचाया और आग लगा दी।

रविवार को, यूरोपीय संघ ने गांव में हुए नरसंहार में मरने वालों की संख्या लगभग 100 बताई थी। फिलहाल जांचकर्ता पीड़ितों के परिवारों से मिल रहे हैं और उम्मीद है कि वे 70 लोगों की मौत के अनंतिम आंकड़े को अपडेट करेंगे।
सोमवार को एक सरकारी अभियोजक ने अपने बयान में इस हमले का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कई लोग लापता हुए हैं कई घायल हुए और कई मारे गए हैं। अधिकारी ने कहा कि पुलिस को घटना के बारे जानकारी देने में दो दिन लग गए थे।
इसके बाद जांचकर्ताओं की एक टीम को घटनास्थल पर पहुंचने में चार दिन और लग गए, जहां उन्हें दर्जनों घर जले हुए मिले। उन्होंने कहा कि एक समय जांचकर्ताओं के काफिले पर हमले को भी विफल करना पड़ा।
पश्चिम अफ्रीकी बुर्किना फासो देश वर्षों से पड़ोसी माली से फैले अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े जिहादी विद्रोह से जूझ रहा है। इस दौरान हजारों लोग मारे गए हैं और 20 लाख से अधिक लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बुर्किना फासो की सैन्य सरकार ने नागरिकों को इस्लामिक जिहादी आतंकी संगठनों के खिलाफ लड़ने के लिए दबाव बनाया था। कहा जाता है कि पूरे देश का 40 प्रतिशत हिस्सा इस्लामिक जिहाद आतंकी संगठन के कब्जे में है।
सहायता एजेंसियों के अनुसार, विद्रोह के कारण बुर्किना फासो के लगभग एक चौथाई स्कूलों को बंद करने के लिए मजबूर किया गया है। सेना ने जिहादी हमलों को रोकने का वादा करते हुए पिछले साल सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया था, लेकिन अब तक इसका कोई असर देखने को नहीं मिल पाया है।
अमेरिका स्थित आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा प्रोजेक्ट (एक्लेड) के अनुसार, पिछला साल बुर्किना फासो के लिए सबसे घातक साल था, जिसमें 1,400 से अधिक नागरिकों की मौत हुई थी। एक्लेड का कहना है कि इस साल अब तक देश में हिंसा के कारण लगभग 8,000 लोगों के मारे जाने की खबर है।
बुर्किना फासो में जिहादी हिंसा के कारण दो तख्तापलट हुए हैं, जिसमें वर्तमान जुंटा ने सितंबर 2022 में सत्ता पर कब्जा कर लिया था। कैप्टन इब्राहिम ट्रोरे के नेतृत्व वाले जुंटा पर देश को सुरक्षित करने के नाम पर अधिकार समूहों द्वारा नागरिकों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने और नागरिक स्वतंत्रता पर नकेल कसने का आरोप लगाया गया है।
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