66 साल की महिला ने निगल लीं 55 बैटरियां, पेट के अंदर हुए 'चमत्कार' को देख डॉक्टर भी हैरान
नई दिल्ली: अभी कुछ दिनों पहले राजस्थान के जोधपुर से खबर आई थी कि वहां पर एक शख्स ने 63 सिक्के निगल लिए। अब इसी तरह का मामला आयरलैंड से सामने आया है। वहां पर एक महिला के पेट में काफी वक्त से दर्द हो रहा था। जब डॉक्टरों की टीम ने उसकी जांच की तो वो हैरान रह गए। महिला के पेट में बहुत बड़ी संख्या में बैटरी थी, लेकिन उनको ये समझ नहीं आ रहा था कि वो आखिर उसके अंदर कैसे पहुंचीं?

55 घड़ी वाली बैटरियां
आयरिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक एक महिला के पेट में 55 बैटरियां थीं। ये बैटरी आमतौर पर दिवाल वाली घड़ी या फिर रिमोट में इस्तेमाल होती हैं। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड में जब बैटरी का पता चला तो डॉक्टरों के भी होश उड़ गए। ये सबसे ज्यादा बैटरी पेट में होने का मामला है। इसका पता चलते ही डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने की योजना बनाई।

पेट काटकर किया छेद
डॉक्टरों के मुताबिक 66 वर्षीय मरीज ने सोचा था कि बैटरी मल के रास्ते से निगल जाएगी, लेकिन वो पेट में इकट्ठा होती चली गई। जिस वजह से उसकी हालत खराब हुई। पहले हफ्ते में महिला ने 5 बैटरी को निगला था। जो उसके पेट जघन की हड्डी में अटक गई। उनके वजन के कारण महिला के पेट में दिक्कत शुरू हुई। डॉक्टरों ने पेट में कट लगाकर एक छेद किया और एक बार में 46 बैटरी निकाल लीं।

पेट को नहीं हुआ नुकसान
इसके बाद पेट में बची अन्य बैटरियों को अलग-अलग सर्जरी से निकाला गया। 55 बैटरियों का वजन काफी ज्यादा था, इसके बाद भी महिला के पेट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। ऐसे में ये चमत्कार ही माना जा रहा है। डॉक्टरों ने मुताबिक पेट की संरचना ठीक है। आमतौर पर ठोस चीजों से जठरांत्र (जीआई) पथ अवरुद्ध हो जाता है, लेकिन बैटरियों की वजह से ऐसा नहीं हुआ।

परिजनों को कब बताया?
ये काम महिला से खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए किया था। शुरू में उसने सोचा कि वो इन बैटरियों को मल के रास्ते निकाल देगी, लेकिन वो पेट में जाकर अटक गईं। इसके बाद भी वो नहीं रुकी और बैटरी निगलती चली गई। जब उसके पेट में असहनीय दर्द शुरू हुआ तब जाकर उसने अपने परिजनों को इसके बारे में बताया। फिलहाल अब इलाज के बाद वो पूरी तरह से ठीक हो चुकी है।

जोधपुर में क्या हुआ था?
कुछ वक्त पहले जोधपुर में रहने वाले 36 साल के युवक ने 63 सिक्के निगल लिए थे। जब उसके पेट में दर्द शुरू हुआ तो वो मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचा। वहां पर डॉक्टरों ने जब उसकी जांच की तो वो हैरान रह गए। उसके अंदर सिक्के ही सिक्के थे। जिसे देखकर लग रहा था कि जैसे वो गुल्लक हो। फिलहाल ऑपरेशन के जरिए उसे निकाल दिया गया।












Click it and Unblock the Notifications