भारत में 2020-21 में भारत में 47 लाख अतिरिक्त मौतें, WHO के अनुमान पर केंद्र ने जताई आपत्ति
नई दिल्ली, 5 मई। कोरोना (Covid- 19) के दौरान हुई मौतों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दावा किया है कि दुनिया भर में जन्म की तुलना में मौत का आंकड़ा तीन गुना से भी अधिक है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस ने कहा कि मौतों का यह आंकड़ा केवल महामारी के प्रभाव के कारण ही नहीं है। इसका कारण कई देशों में चिकित्सा सुविधाओं में कमी होना भी है। जिन देशों में मौतों का आंकड़ा बढ़ा है वहां चिकित्सा के क्षेत्र में निवेश की आवश्यकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से कहा गया कि 1 जनवरी, 2020 और 31 दिसंबर, 2021 के बीच भारत ने 4.7 मिलियन अधिक मौतों की सूचना दी थी। गुरुवार को कोविड -19 महामारी से मरने वालों की संख्या पर नए अनुमान जारी करते हुए डब्यल्यूएचओर ने दावा किया दुनिया भर में आधिकारिक तौर पर दर्ज किए गए जन्म की संख्या से मौत का आंकड़ा तीन गुना से अधिक है। गत वर्ष विश्व में कुल लगभग 14.9 मिलियन मौतें हुई हैं।
विश्व में 84% अतिरिक्त मौत का आंकड़ा सिर्फ 10 देशों में मिला
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कहा गया कि पूर्वानुमान की तुलना में अधिकांश बढ़ी मौतें दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और अमेरिका में दर्ज की गई हैं। इन देशों में कुल बढ़ी मौतों का करीब 84% आंकड़े मिले हैं। वहीं वैश्विक स्तर पर लगभग 68% अतिरिक्त मौतों का आंकड़ा केवल 10 देशों अधिक पाया गया है।
भारत सरकार ने WHO के अनुमान पर जताई आपत्ति
केंद्र सरकार ने डब्ल्यूएचओ के अनुमानों को खारिज करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रक्रिया और कार्यप्रणाली और परिणाम के 'मॉडलिंग अभ्यास'पर आपत्ति जताई है। सरकार के एक बयान में कहा गया है कि डब्ल्यूएचओ ने भारत की समस्याओं नजअंदाज करते हुए अतिरिक्त मृत्यु दर के अनुमान जार कर दिए हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में भारत ने नागरिक पंजीकरण प्रणाली (Civil Registration System) के आधार पर मृत्यु संख्या जारी की। भारत सरकार की ओर की ओर से कहा की मौतों के आंकड़े के लिए मॉडल का सहारा लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2020-21 में भारत कोविड -19 के कारण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 4.7 मिलियन मौतों का अनुमान लगाया था। इस दौरान देश में लगभग 520,000 मौतें आधिकारिक रूप से दर्ज की गई थीं। जबकि अगस्त 2020 तक डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों से पता चला है कि इस अवधि में देश ज्यादातर लॉकडाउन में था, जो मार्च के अंत में शुरू हुआ था। इस दौरान लगभग 62,000 कम मौतें हुई थीं। साल 2020 अप्रैल, मई और जून के महीनों में 2.7 मिलियन से अधिक मौतें हुई थीं। इस दौरान कोरोना की दूसरी लहर अपने चरम पर थी।












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