अमेरिका में ट्रेनिंग लेने गए अफगानिस्तान के सैनिक हो गए गायब
वाशिंगटन। अमेरिका का रक्षा मंत्रालय को समझ में नहीं आ रहा है कि अफगानिस्तान सेना के 44 जवान जो ट्रेनिंग के लिए अमेरिका आए थे, कहीं गायब हो गए हैं।

अफगानिस्तान के 2200 जवान ट्रेनिंग के लिए जा चुके अमेरिका
अमेरिका में पेंटागन के अधिकारियों के मुताबिक दो साल से भी कम समय में अफगानिस्तान सेना के 44 जवान गायब हो गए हैं। माना जा रहा है कि ये सभी अमेरिका में अवैध रूप से अमेरिका में ही रहकर काम कर रहे हैं।
पेंटागन के मुताबिक वर्ष 2007 से अभी तक अफगानिस्तान के करीब 2200 जवान ट्रेनिंग के लिए अमेरिका आ चुके हैं।
इस तुलना में गायब हुए सैनिकों की संख्या कम है। पर अफगान सैनिकों का गायब होना अमेरिका सुरक्षा और स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर एक दाग भी लगा रहा है।

ओबामा प्रशासन के लिए शर्म की बात
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला सामने आने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के लिए एक शर्म की बात है क्योंकि अफगानिस्तान की सेना को प्रशिक्षित करने के लिए अमेरिका ने अरबों डॉलर खर्च किए हैं।
साथ ही ऐसी खबरें रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी मददगार साबित हो सकती हैं।
आपको बताते चलें कि ट्रंप ओबामा की मुस्लिम देशों से आने वाले प्रवासियों को लेकर बनाई गई नीति के सख्त खिलाफ हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कई देशों के सैनिक अमेरिका में ट्रेनिंग के लिए आते हैं और कई बार पहले भी ऐसे सैनिकों के भागने के मामले सामने आ चुके हैं। पर अफगान सैनिकों की संख्या काफी ज्यादा है और यह अन्य मामलों से अलग है।

सितंबर, 2016 में गायब हो गए आठ जवान
पेंटागन के प्रवक्ता एडम स्टंप ने बताया कि सिर्फ सिंतबर माह में ही आठ अफगान सेना के जवान बिना किसी जानकारी के मिलिट्री बेस से जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी, 2015 से अभी तक अफगान सेना के 44 सैनिक बिना किसी को बताए मिलिट्री बेस से गायब हो चुके हैं।
एडम स्टंप ने रॉयटर्स को बताया कि अफगान सैनिकों को इस आधार पर ट्रेनिंग में शामिल किया गया था जो मानवअधिकार उल्लंघन के मामलों और किसी आतंकी संगठन से संबंध न रहा हो।

60 अरब डॉलर अमेरिका कर चुका खर्च
वाशिंगटन अभी तक अफगानिस्तान के सैनिकों को प्रशिक्षण देने के लिए 60 अरब डॉलर तक का बजट खर्च कर चुका है। अमेरिका, अफगानिस्तान के सैनिकों को वर्ष 2002 से प्रशिक्षित कर रहा है। पर इसके बावजूद आज भी तालिबान के कब्जे में अफगानिस्तान के कई भाग हैं।












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